किरंदुल – रंगों के महापर्व होली को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। किरंदुल थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक में कई ठोस और कड़े निर्णय लिए गए। बैठक में एसडीओपी कमलजीत पाटले, उप निरीक्षक हेमशंकर गुणेंद्र , तहसीलदार महेश कश्यप, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी शैलेन्द्र सिंह जनप्रतिनिधि, व्यापारी संघ के पदाधिकारी और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि होली उल्लास और भाईचारे का पर्व है, लेकिन कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि होलिका दहन रात 11 बजे तक ही किया जाएगा और इसके बाद किसी प्रकार का आयोजन अनुमति के बिना नहीं होगा।
स्कूली परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए डीजे और साउंड सिस्टम निर्धारित ध्वनि सीमा में ही बजाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने, हुड़दंग करने या अशांति फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी।
मुखौटा पहनकर घूमने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान में कोई दिक्कत न हो। साथ ही सड़कों पर अस्थायी दुकानें न लगाने की अपील की गई, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित न हो। पर्व के दौरान नगर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी।
एसडीओपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने, बाइक पर तीन सवारी बैठाने और उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई के साथ आवश्यक दंड भी दिया जाएगा।
तहसीलदार ने नागरिकों से अपील की कि वे संयम, जिम्मेदारी और आपसी सद्भाव के साथ त्योहार मनाएं। थाना प्रभारी ने व्यापारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए सड़क किनारे दुकानें न लगाने का आग्रह किया, ताकि जाम और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
बैठक में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। अंत में नगरवासियों से प्रेम, भाईचारे और शांति के साथ होली मनाने की अपील की गई, ताकि किरंदुल की पहचान सौहार्द और अनुशासन के रूप में बनी रहे।
