धमतरी – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पारंपरिक खेती के किसानों के लिए अब एक नया और विकल्प उभर कर सामने आ रहा है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसानों को सफल विविधता के साथ बेहतर काम का अवसर मिल सके।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में मखाना विकास के लिए उद्यान विभाग के अधीन केंद्रीय क्षेत्र योजना संचालित कर जिलों के लिए भौतिक लक्ष्य प्रदान किया गया है। योजना के तहत तालाब में मखाना खेती (तालाब की खेती) के लिए 96.43 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रति हेक्टेयर 71,600 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वहीं खेत में मखाना खेती के लिए 27.42 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके लिए प्रति हेक्टेयर 52,800 रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए वैज्ञानिक तकनीक से खेती के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, बीज चयन, पैनल, कृषि प्रबंधन एवं विपणन समन्वय भी उपलब्ध है।
जिला प्रशासन की सक्रिय पहल एवं उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग से अब तक जिले के 7 ग्रामों में कुटीर/दडेसरा (29 स्नैक), पीपरछेड़ी (6 शोक), हल्दीपुरी (5 शोक), राखी (15 शोक), रांकाडीह (30 शोक), मोतिमपुर (15 शोक) और सांकरा (25 शोक) – कुल 125 उद्यान क्षेत्र में मखाना की खेती की शुरुआत की जा चुकी है। शुरुआती स्तर पर किसानों में इस फसल के प्रति उत्साह देखा जा रहा है।कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में उपलब्ध जल संसाधन, तालाब एवं भूमि का पुरातात्विक उपयोग कर मखाना की खेती को व्यापक स्तर पर विकसित किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को योजना से प्रशिक्षित किया जाए, उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और समय पर अनुदान दिया जाए, ताकि मखाना उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
उप डीलर पार्क, जिला धमतरी श्रीमती पूजा कश्यप साहू ने बताया कि मखाना की मांग देश-विदेश में लगातार बढ़ रही है और यह किसानों के लिए कम जोखिम और बेहतर लाभ की दृष्टि से उपयुक्त है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इच्छुक किसान जिला कार्यालय, उद्यानिकी विभाग धमतरी से संपर्क कर सकते हैं। तकनीकी एवं आवेदन प्रक्रिया संबंधी जानकारी के लिए ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी डॉ. एम.सी. पुर्तगाल (मो. 8878373294) एवं प्रगतिशील मखाना किसान श्री योगो चंदेल (मो. 9301747945) से संपर्क किया जा सकता है।
जिले में मखाना की खेती को प्रोत्साहन बैठक से किसानों की वृद्धि, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग और कृषि क्षेत्र में नए अवसर आय सृजन की संभावना है। जिला प्रशासन द्वारा इसे आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
