श्री राघव मंदिर में विराजा शिव परिवार – दर्शन करने पहुंच रहे भक्त – राघव मंदिर के प्रति दिख रही आस्था

महाशिवरात्रि में हुई थी शिव परिवार के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा 

किरंदुल –एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना के हृदय स्थल पर मौजूद श्री राघव मंदिर बैलाडीला देवस्थान किरंदुल में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान श्री लिंगेश्वर महादेव, भगवान नंदी महाराज सहित भगवान शिव परिवार के नवीन विग्रहों की प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ उपलक्ष्य में दिनांक 12 फरवरी से 16 फरवरी तक पाँच दिवसीय विराट, भव्य एवं आध्यात्मिक महोत्सव का आयोजन किया गया था ।

नये देव विग्रहों की शोभायात्रा भगवान के बने रथ में भगवान श्री महादेव ने अपने परिवार सहित नगर भ्रमण किया था । एवं मंगल कलश यात्रा निकाली गई ।प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व नये देव विग्रहों मूर्तियों का नगर भ्रमण किया गया । बैलाडीला देवस्थान समिति श्री राघव मंदिर समिति ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के प्रारंभिक चरणों जैसे जल, अन्न, या शय्या अधिवास का हिस्सा होता है, जो मूर्ति को जीवंत बनाने के लिए आवश्यक हैं । यह शोभायात्रा एक उत्सव जैसा माहौल बनाती है । नये देव विग्रह भगवान श्री लिंगेश्वर महादेव जी एवं भगवान नंदी जी का भव्य रथ से नगर के समस्त श्रद्धालु मातृ-शक्ति, बहनों की विशेष सहयोग एवं उपस्थिति में भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक मंगल कलश यात्रा निकाली गई थी । तत्पश्चात महाशिवरात्रि पर्व पर सभी देवों के नवीन विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी ।एवं महाशिवरात्रि पर्व के अगले दिन श्री राघव मंदिर के प्रांगण में नगर परिवार के लिए महाभण्डारा का आयोजन किया गया था जिसमें नगर परिवार के भक्तों की अविस्मरणीय उपस्थित रही । उल्लेखनीय हैं कि यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव किरंदुल की सामूहिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना, नारी शक्ति एवं शिवभक्ति का जीवंत प्रतीक बनी ।

ए. के. सिंह — सचिव — बैलाडीला देवस्थान समिति

एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के सौजन्य से श्री राघव मंदिर के जीर्णोद्धार पश्चात भगवान शिवजी के परिवार के विग्रहों लिंगेश्वर महादेव ,भगवान नंदी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा भक्तों के बीच की गई । 5 दिन तक चले महोत्सव के बाद भी शिव परिवार के दर्शन करने भक्तों की आस्था श्री राघव मंदिर के प्रति भक्ति की आस्था को दर्शाती है ।