कोंडागांव – जिले की ग्राम पंचायत जोबा में जिला प्रशासन की ओर से परियोजना विकास 2.0 के तहत आयोजित 30वीं दिव्य राजमिस्त्री (मेसन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। यह प्रशिक्षण प्रशासन जिला एवं आरएसईटीआई जगदपुर के सहयोग से संचालित किया गया।
जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्ता पूर्ण एवं सुरक्षित आवास निर्माण को बढ़ावा देना एवं स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से सम्मिलित करना है। समापन अवसर पर फेस्टिवल को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और उन्हें भविष्य में उपलब्ध रोजगार अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान 35 पेशेवरों को आधुनिक निर्माण तकनीकें, सुरक्षित निर्माण तकनीकें, भवन निर्माण सामग्री का सही चयन एवं उपयोग, लागत प्रबंधन और गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य ग्रामीण आवास मंडलों के तकनीकी विनिर्देशों पर भी पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि निर्माण कार्य के मानक तय किए जा सकें।
प्रशिक्षण में शास्त्रीय ज्ञान के साथ-साथ शास्त्रीय अभ्यास पर विशेष बल दिया गया। संग्रहालय को बैंच निर्माण, असेंबली-गारा कार्य, छत ढलाई, प्लास्टरिंग, लेवलिंग और माप-तौल की साइंटिस्टों का अभ्यास सिखाया गया।
जिले में अब तक 250 से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण
जिला प्रशासन एवं ग्रामीण प्रयोगशाला प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त उद्यम जिलों में अब तक 250 से अधिक युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। शिक्षण मिस्त्री अब विभिन्न ग्रामीण आवास मंडलों में कुशल सहायक के रूप में कार्य कर रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस पहल से न केवल आवास निर्माण कार्यों में तेजी आई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। प्रशिक्षण प्राप्त युवा अब स्वयं का कार्य शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में हैं। इससे ग्रामीण उद्योग को भी जगह मिल रही है।
