समग्र शिक्षा की जीवंत झांकी डिजिटल शिक्षा को मिला प्रथम

 पुरस्कार समग्र शिक्षा की झांकी को दर्शकों ने सराहा, समग्र शिक्षा रहा अव्वल

फिंगेश्वर :–गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभागीय झांकियों में जिला मिशन समन्वयक कार्यालय समग्र शिक्षा, की झांकी डिजिटल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा.डिजिटल शिक्षा के जीवंत झांकी में आई सी टी लैब एवं स्मार्ट क्लास को थीम में रखकर लाइव ऑनलाइन क्लास का मॉडल तैयार किया गया था, जिसमें एक ओर डिस्प्ले बोर्ड एलईडी स्क्रीन पर प्रसारण दिखाया जा रहा था वहीं दूसरी और स्कूली बच्चों को लैपटॉप पर कार्य करते दिखाया गया था l समग्र शिक्षा की झांकी को दर्शकों ने खूब सराहा और इसे आकर्षक तथा सामयिक बताया l यह पहला अवसर था जब शिक्षा विभाग की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिला.झांकी के विषय में पूछने पर डीएमसी शिवेश शुक्ला ने बताया शिक्षा अब आधुनिक और डिजिटल दौर में पहुंच चुका है, आई सी टी लैब (आई सी टी लैब) और स्मार्ट क्लास, आधुनिक डिजिटल शिक्षा के प्रमुख आधार हैं आईसीटी लैब में कंप्यूटर, इंटरनेट और टैबलेट के माध्यम से छात्र कोडिंग और डिजिटल कौशल सीखते हैं, जबकि स्मार्ट क्लास में इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, मल्टीमीडिया और सॉफ्टवेयर के द्वारा पढ़ाई को रुचिकर बनाया जाता है। ये दोनों तकनीकी क्षमता, बेहतर सीखने के अनुभव और रटने के बजाय समझकर पढ़ने को बढ़ावा देते हैं। झांकी में किताब पढ़ती हुए छात्रा की विशाल मूर्ति भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा.जिला मिशन समन्वयक शिवेश शुक्ला के मार्गदर्शन तथा एपीसी मनोज कला एवं विल्सन थॉमस की संकल्पना में झांकी को मूर्त रूप देने बीआरसी छन्नू सिन्हा संकुल शैक्षिक समन्वयक,कृष्ण कुमार बया,अशोक साहू ,श्रीदल प्रसाद साहू,मृगेंद्र कुमार बंजारे कमलेश त्रिवेंद्र, प्रशांत डबली,दयालु नेताम, लोकेश्वर सोनवानी, अशोक तिवारी भैंसवाड़े सर रोशन शांडिल्य अनूप महाडिक रुद्रेश आदि का अथक योगदान रहा.