एआईयूटीयूसी व एआईकेकेएमएस ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम किये…

पखांजूर से बिप्लब कुण्डू–3.5.21

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का महत्व और आज मजदूर किसान आंदोलन की स्थिति के मद्देनजर एआईयूटीयूसी व एआईकेकेएमएस ने कोरोना काल में लकडाउन एवं कोविड-19 प्रोटोकॉल की ध्यान रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर ऑनलाइन काय्रक्रम किये। कायर्क्रम की अध्यक्षता एवं संचालन कामरेड आत्माराम साहू ने किया। सुनीता, मेनका, चिंटू, प्रिया आदि ने संगीत की प्रस्तुती दी। चर्चा करते हुंए 1 मई दिवस की इतिहास की अहम पहलुओं की अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का महत्व और आज मजदूर किसान आंदोलन की स्थिति के मद्देनजर की चर्चा करते हुए कॉ विश्वजीत हारोडे, श्री पथिक अधिकारी कॉ आत्माराम साहू, श्री जतिन साहू, कहा है कि दुनियाभर की पुंजीवादी सरकार ने समाजवाद के पतन हुआ तब से श्रमिकों के हीत मे बनाई गई श्रम कानून की सुरक्षा नहीं मिल रही हैं।

दुनिया के मजदूरों के उपर बेतहासा शोषण- जूल्म, उत्पीड़न ,छटनी,उद्योगों में श्रमिकों को अतिरिक्त उत्पादन -कम उत्पादन की बहाने तरह -तरह की झुठी बातो कुचक्रों को फैला कर कलकारखानों में तालाबंदी कर रहे हैं। मजदूरों को सड़कों पे आन्दोल के लिए खड़े होने को मजबूर कर रहे है। हमारे देश में भी लोकतंत्र की झूठी खाल ओरकर पूंजीवादी नीति कायम किये हुए है । श्रम कानूनों की संख्या 44 थी उसे खत्म कर मात्र 4 कानून रखे है। वह कानून उद्योग पतिओं के हीत में लाई हैं। देश की लोकतंत्र कत्लेआम कर पुंजीपतियों के पक्ष में श्रम कानून – सामाजिक सुरक्षा बिल 2020, आजीविका सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता बिल 2020 और औद्योगिक संबंध संहिता बिल 2020 लाई है। श्रमिकों की बलिदान और संघर्ष के जरिए उनके हित मे जो कानून हासिल किये उन्हें खत्म कर दिया जा रहा हैं। उसी प्रकार कृषि व्यवस्था में जनता की खद्य सुरक्षा देन सरकार की फर्ज है। उसे दायित्व, कर्तव्य को नार उसे दरकिनार कर कृषि कानून लाद रहे है। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन व सुविधा) कानून, 2020 मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता कानून, 2020 इस प्रकार लोकतंत्र की आड़ में देश की आमजनता ,श्रमिक ,मजदूर ,किसानों आदि के उपर लोकतांत्रिक सरकार कुठाराघात कर रहे है ।

देश कि जनता इन बिल और कानून के खिलाफ आन्दोलन को भी बेरहमी से कुचलने की प्रयास कर रहे है।इस भयानक स्थिति से निपटने हेतु शीघ्र उपयुक्त कदम उठाने के लिए अपने-अपने देशों के साम्राज्यवादी-पूंजीवादी शासकों को मजबूर करने और भारत सहित सभी देशों में पूंजीवाद विरोधी समाजवादी क्रांति की प्रक्रिया तेज कर उनके खिलाफ लोगों का एकजुट सुसंगठित संघर्ष किये जाने कि अपिल किया है।सरकारों से मांग किया है कि सभी सरकारी अस्पतालों में बड़ीसंख्या मे डॉक्टर, नर्स ,पैरामेडिकल स्टाफ ,लैब टेक्नीशियन , आदी कीस्थाई नियुक्ति की जाए। बेड, ऑक्सीजन, दवाइयां, वेंटालेटर,पीपीई किट, टेस्टिंग किट टिकाकरण की पर्याप्त मात्रा मे व्यवस्था करो। राज्य के सभी सरकारी दफ्तरोमें रिक्त पडे़ लाखों पदो कोअविलंबभरो। तीन कृषि कानून एवं बिजली बील अध्यादेश रद्द करो। प्रवासी मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा , भोजन, रहने स्थान आदि उपलब्ध करे। प्रत्येक गरीब परिवारों को जबतक लकडाउन एवं उन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं होती तब तक जीवन जीने लायक उनके खाते में अनुदान15000/- रुपये प्रति माह जमा करे आदि मांग पुरा करने का अपिल हैं।तरुण सरकार, राहुल,अनिमेष विश्वास, कल्पना, बिप्लब, जुई, प्रभाती, भुपती राय, सुदेब राय,अभिमन्यु राय, मनोतोष बैद, सुमन राय, राजु बैद, अभिषेक विश्वास आदि ने कार्यक्रम को लगभग 90 लोगों ने सुनीं है ।