एएमएनएस बेनिफिसियेशन प्लांट के क्षमता विस्तार की 30 दिसंबर को किरंदुल नगर में जनसुनवाई
ग्राम पंचायत मदारी, चोलनार, समलवार, हिरोली, पाड़ापुर, बड़े बचेली, गुमियापाल, कोड़ेनार, कड़मपाल, मड़कामिरास,किरंदुल क्षेत्र के लिए जन सुनवाई रखी गई हैं ।
किरंदुल – लौह नगरी किरंदुल में आर्सेलर मित्तल निप्पोन स्टील इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की एशिया की सबसे बड़ी स्लरी पाइपलाइन का लौह चूर्ण पाइप लाइन से परिवहन का बेनिफिसियेशन प्लांट स्थापित है जिसमें रोजाना लाखों टर्न लौह चूर्ण का परिवहन किरंदुल से विशाखापत्तनम किया जाता है।मेसर्स आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया प्राईवेट लिमिटेड ग्राम-किरंदुल,में स्थित बेनिफिसियेशन प्लांट ,क्षमता विस्तार के तहत् प्रस्तावित आयरन ओर बेनिफिसियेशन प्लांट क्षमता 8.0 मिलियन टन/वर्ष से 120 मिलियन टन / वर्ष, क्षेत्र -3 83 हेक्टेयर (98.43 एकड़) के पर्यावरणीय स्वीकृति के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में लोक सुनवाई हेतु आवेदन किया गया था उपरोक्त परियोजना की छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में लोक सुनवाई लोक सुनवाई 30 दिसंबर को किरंदुल बस स्टैण्ड के पास स्थित एक स्कूल में रखी गई है । जिसमें प्रभावित गांव और शहर ग्राम पंचायत मदारी, चोलनार, समलवार, हिरोली, पाड़ापुर, बड़े बचेली, गुमियापाल, कोड़ेनार, कड़मपाल, मड़कामिरास,किरंदुल क्षेत्र के लिए जन सुनवाई रखी गई हैं ।
पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई के नियम मुख्य रूप से पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 और उसके तहत बने नियमों पर आधारित हैं, जिसका उद्देश्य जनता को पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रियाओं में शामिल करना है; इसमें हितधारकों स्थानीय लोग, पर्यावरण समूह को परियोजना प्रस्तावक से सीधे सवाल पूछने, अपनी चिंताएं व्यक्त करने और सुझाव देने का अधिकार होता है, जिसमें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके.
जनसुनवाई के प्रमुख नियम और प्रक्रिया
प्रस्तावित परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंज़ूरी की प्रक्रिया शुरू होने पर, स्थानीय भाषाओं में समाचार पत्रों में जनसुनवाई की तारीख, समय और स्थान की सूचना दी जाती है पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट और अन्य संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाती है.परियोजना स्थल के निवासी, प्रभावित लोग, स्थानीय निकाय, पर्यावरण समूह और अन्य सभी इच्छुक व्यक्ति सुनवाई में भाग ले सकते हैं सभी उपस्थित लोगों को मौखिक या लिखित रूप में अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार हैं ।यहां सवाल यह उठता है कि किरंदुल स्थित आर्सेलर मित्तल कंपनी के क्षमता विस्तारी की जनसुनवाई जिन प्रभावित ग्रामों एवं नगरों के प्रभावितों के लिए किरंदुल नगर के एक स्कूल में रखी गई है उसकी दूरी उन प्रभावित ग्रामो से 15 किलोमीटर की है ।चल रही चर्चा के अनुसार जनसुनवाई को प्रभावित ग्रामो में ही करना चाहिए था ।
