कोंडागांव – मुख्य एवं चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. आर के सचिवालय जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भावना महलवार के मार्गदर्शन में 3 दिसंबर और 4 दिसंबर को कोंडागांव में एक दिव्य प्रशिक्षण दो सत्रों का आयोजन किया गया।प्रशिक्षण के दौरान टाइप 1 सर्जीज़ जो कि छत्तीसगढ़ में उभरी एक गैर-संचारी रोग पर एक विस्तृत सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में 170 मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य परामर्श एवं अन्य कर्मचारियों के लक्षण पहचानना, परामर्श प्रौद्योगिकी, परामर्श सहयोग समूह, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की भूमिका तथा मनोविज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा विशेषज्ञता एवं प्रशिक्षण दिया गया।सत्र में यह भी बताया गया कि टाइप 1 समुद्र तट और उनके परिवारों पर सामाजिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और स्वास्थ्य व्यय के कारण होने वाले आर्थिक दबाव का क्या प्रभाव पड़ता है। इन सिद्धांतों को समझकर स्वास्थ्य एसोसिएट्स और उनके परिवार को अधिक प्रभावशाली परामर्श प्रदान कर सकते हैं।सत्र के आँकड़े का आकलन पूर्व एवं बाद के परीक्षणों के माध्यम से किया गया, जहाँ से कार्यशाला को समग्र और व्यावहारिक शिक्षण का अनुभव प्राप्त हुआ। क्लिनिकल हेल्थ हेल्थकेयर ने इस प्रशिक्षण से महत्वपूर्ण ज्ञान और व्यावहारिक समझ हासिल की, जिसका प्रमाण उनके द्वारा दिए गए सकारात्मक लक्ष्यों से प्राप्त हुआ।यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ एवं एकम फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया। इस अवसर पर यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह, एनसीडी जिला सलाहकार डॉ. ममता ठाकुर, एनसीडी सलाहकार डॉ. जे. विनी जोएल उपस्थित रह रहे हैं।
