जिला प्रशासन की टीम ने रोकी बाल विवाह पर रोक लगा दी।

कोंडागांव – जिले के ग्राम पंचायत चिखलपुट्टी थाना व जिला कोंडागांव से बाल विवाह की गुप्त सूचना प्राप्त हुई, मिशन वात्सल्य महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं चाइल्ड लीन की संयुक्त दल रविवार द्वारा नियुक्त सहायक नुपूर राशी पन्ना के निदेशक  अवनी कुमार बिसवाल जिला कार्यक्रम अधिकारी के सलाहकार बाल विवाह प्रोविजन की गई।जिला बाल संरक्षण अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चिखलपुट्टी में आवासीय आवासीय यशोदा (परिवर्तित नाम) पिता दिनेश (परिवर्तित नाम) उम्र 16 वर्ष निवासी चिखलपुट्टी का विवाह बालक योगेश (परिवर्तित नाम) पिता श्री रेड्डी (परिवर्तित नाम) उम्र 19 वर्ष निवासी- ग्राम पंचायत लंजोड़ा थाना फरसगांव जिला कोंडागांव के साथ हुआ था।सूचना बैठक में जिला आर्टिस्टिक घर-घर संयुक्त दल द्वारा बच्चों और गैलरी के दस्तावेज़ अंकसूची का विमोचन किया गया, जिसमें बच्चों का जन्मतिथि 23.09.2006 और बच्चों का जन्मतिथि 07.02.2009 अंकित है। भारतीय कानून एवं शासन के राजवंश बालक एवं स्नातक की आयु विवाह निर्धारित आयु से कम पाया गया। गुड़िया के माता-पिता नहीं हैं। दादा-दादी के साथ रहते हैं। दोनों दर्शनों के सम्मिलित दल को डिविजन अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दण्ड के प्रस्ताव, बाल विवाह के दुष्परिणाम से अधर्म विवाह न करने की समझाइश दी गई। परिवार द्वारा पूर्ण आयु होने पर विवाह के संबंध में सहमति दी गई। जांच दल द्वारा निष्कर्षों, सहयोगियों, सहयोगियों और प्रशासन के समसामयिक पंचनामा तैयार किया गया। दल द्वारा वर-वधू व दोनों पक्षों को समझाइश देकर बाल विवाह को छोड़ दिया गया।बाल विवाह रोकथाम अधिकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी  नरेंद्र सोनी, परियोजना अधिकारी  संजय पोटावी, संरक्षण अधिकारी गैर डिपो  जयदीप नाथ, विधिक सह परीक्षा अधिकारी श्री सौरभ तिवारी, सहायक उप निरीक्षक  सुकेन्द्र कश्यप, प्रधान संरक्षक श्री मिथलेश रजक और श्रीमती सोना मरकाम, सुपर संरक्षक चाइल्ड लीन  अनिल कुमार नायक,  रविकांत गौरव एवं ग्राम प्रधान प्रमुख।