लवइंग रिपोर्ट: खूबसूरत मानवता की मिशाल बना, सोनहत राजस्व अमला, जनसेवा में स्वप्रेरणा से बांटे, खाद्यान्न समाग्री!…

संभाग प्रमुख
मोहम्मद इकरार अहमद।

सरगुजा/सोनहत – कोरोनावायरस के अतिक्रमण के चलते सभी के कामकाज ठप्प हैं और मजदूर वर्ग खासा परेशान है। मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों के सामने भी आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। सभी वर्ग लोगो में अब रोटी की चिंता सताने लगी है। खेती किसानी से लेकर समूचा देश बंद पड़ा है। लंबी अवधि की बड़ी तालाबंदी ने लोगों को भविष्य की चिंता में भी डाल दिया है। जिसे महसूस कर सोनहत राजस्व अमला ने मानवता का जो खूबसूरत मिशाल गरीबों को खाद्यान्न समाग्री बांट कर पेश किया है। उसकी प्रशंसा अब चारो ओर हो रही है। वहीं कोरोनावायरस जैसे संकटकाल में समूचा विश्व त्रासदी से जूझ रहा है। राज्य सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक संकट के दौर से उबरने का हर सम्भव प्रयास कर रहा है। खासकर इस संकट के दौर पर सरकारी अमला दिन रात एक कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। खुद व खुद के परिवार की चिंता ना कर जन सेवा में लगे हैं।

ऐसा ही एक मानवता का खूबसूरत मिशाल सोनहत की राजस्व टीम ने पेश किया है उसकी प्रशंसा पूरे जग में हो रही है। बतादें एस डी एम सोनहत प्रशान्त कुशवाहा के कुशल मार्गदर्शन व नायब तहसीलदार अंकिता पटेल के कुशल नेतृत्व में राजस्व अमला की टीम कोरोना जैसे महामारी के दौर में दिन रात एक कर जन सेवा का कार्य कर रहे हैं। कोरिया के सुदूर वनांचल क्षेत्र में लाकडॉउन अवधि में सोनहत राजस्व टीम स्वप्रेरणा से जनसेवा करते हुये आसपास के जरूरतमंद गरीब परिवारों को खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करवाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ताकि घोर विपत्ति की घड़ी मे भी लोगों के घरों के चूल्हे जल सके। सोनहत राजस्व अमला के इस अनोखे गुण की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। लॉक डाउन के अवसर पर सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण व मजदूर वर्ग होता है वास्तव में ज्यादा दिन घरों में कैद रहने से परिवार के पालन पोषण में समस्या आती है । राजस्व अधिकारियों के निजी सोच से घर का चूल्हा जलना अपने आप मे मानवीय दृष्टिकोण से महानता है नही तो सरकारी निर्देशों तक का पालन करना ही रिवाज है। अधिकारियों के हौसले बुलंद करने के लिये प्रेरित स्थानीय लोग भी जरूरतमंदों की जन सेवा का हिस्सा बन रहे हैं लोगों के घरों में चूल्हे जलाने में स्वतः हाँथ बंटा रहे हैं। सोनहत राजस्व टीम कोरोना आपदा समय छोटे बच्चों के पोषण प्रोटीन व शिक्षा व्यवस्था पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण वनांचल क्षेत्र में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को प्रोटीन पावडर दिया जा रहा है वही पर शिक्षा की बात करे तो 5 वर्ष से छोटे बच्चों को पढ़ने लिखने के लिये स्लेट ,वर्णमाला पहाड़ा ,पेंसिल ,पेन दिया जायेगा। ताजा जानकारी के अनुसार लगभग 2700 बच्चों में बांटे जाने की योजना है। सोनहत की युवा राजस्व टीम जन समाज सेवा के अलावा अपने कार्य क्षेत्र में कोरोना के गाइडलाइंस का पालन भी बखूबी करवा रहे हैं।