मजदूर मजदूर भाई भाई – श्रम संघ एसकेएमएस की मैराथन दौड़ – दूसरी श्रम संघ इंटक ने खिलाड़ियों को पिलाया पानी – दिया एकजुटता का संदेश ।

स्वतंत्रता दिवस पर श्रम संघ एसकेएमस के तत्वाधान में हुई थी मैराथन दौड़ ।

एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के मजदूरों में दिखा आपसी भाईचारे का तालमेल ।

किरंदुल – — 79 वीं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लौह नगरी किरंदुल में एनएमडीसी परियोजना के श्रमिक संघ एसकेएमएस के सचिव राजेश संधू एवं अध्यक्ष देवरायलू के दिशा निर्देश पर नगर में हाफ मैराथन दौड़ का आयोजन कराया गया था । 15 अगस्त को नगर के फुटबॉल ग्राउंड से मैराथन दौड़ का शुभारंभ एनएमडीसी परियोजना के अधिशासी निदेशक रविन्द्र नारायण द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया था ।इस दौड़ में लगभग 750 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। जिसमें पुरुष वर्ग में 09 किलोमीटर की दूरी तय कर आशुतोष (भिलाई) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था ।द्वितीय स्थान पर कोंडागांव निवासी फूलधर नेताम रहे थे वहीं तृतीय स्थान पर बस्तर के सुखराम कश्यप रहे थे । महिला वर्ग के इस मैराथन में प्रथम स्थान पर भिलाई की रूकमणि साहू रही थी । द्वितीय स्थान पर लोहंडीगुड़ा की प्रमिला मंडावी रही थीं एवं तृतीय स्थान पर डिमरापाल की कुमली नाग रही थी । स्वतंत्रता दिवस पर किरंदुल परियोजना की श्रमिक संघ संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक के द्वारा सद्भावना संदेश के लिए आयोजित मैराथन दौड़ में जहाँ एक तरफ पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के धावकों ने भाग लिया वहीं उन खिलाड़ियों को बैलाडीला में मिनी इंडिया के आपसी भाईचारे और एनएमडीसी किरंदुल परियोजना में कार्यक्रम श्रमिको में आपसी तालमेल और प्रेम की गाथा देखने को भी मिली । उल्लेखनीय हैं कि एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना में दो वृहद श्रमिक वर्ग एटक और इंटक श्रमिको के हितों के लिए संचालित है ।विदित हो कि श्रमिक संघ संयुक्त खदान मजदूर संघ के तत्वाधान में आयोजित इस 9 किलोमीटर की हाफ मैराथन दौड़ में भाग लेने वाले खिलाड़ी धावकों के लिए दूसरी श्रम संघ मेटल माइन वर्कर्स यूनियन इंटक के श्रमिक साथियों ने दौड़ के लिए चिन्हित की गई सड़क के किनारे खिलाड़ी धावकों के लिए पानी के पाउच की व्यवस्था की थी । एनएमडीसी किरंदुल परियोजना में कार्यरत श्रमिको की सर्वोपरि मजदूर मजदूर भाई भाई की यह भावना मैराथन दौड़ में भाग लेने आये प्रदेश के उन खिलाड़ियों के जेहन में बैलाडीला क्षेत्र के साथ साथ एनएमडीसी में अनेकता में एकता की भावना को भी जगजाहिर किया होगा कि एनएमडीसी के बैलाडीला क्षेत्र को ऐसे ही मिनी इंडिया का दर्जा नही दिया जाता है ।