बहुड़ा रथयात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सागर, धार्मिक उल्लास में डूबा बसना।

बसना – बसना थाना परिसर से आरंभ हुई बहुड़ा रथयात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे नगर का वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया। रथयात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जो न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण रही बल्कि सांस्कृतिक चेतना को भी नया जीवन प्रदान करने वाली

रही। रथयात्रा की शुरुआत श्रीराम जानकी मंदिर के अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और माता सुभद्रा के रथ की रस्सी खींचकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। मृदंग, मंजीरा, शंख और घंटा की मधुर
ध्वनियों के साथ यात्रा ने भक्तिमय वातावरण निर्मित किया। जयकारों और श्रद्धालु सहभागिता ने इस यात्रा को एक दिव्य अनुभव में बदल दिया।  विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा कि बसना की बहुड़ा यात्रा, पुरी की रथयात्रा का अनुभव कराती है। यह आयोजन भगवान जगन्नाथ के “गुंडिचा मंदिर” से मूल
मंदिर की वापसी यात्रा का पर्व है, जो भक्तों के लिएआत्मचिंतन और सेवा का विशेष अवसर होता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व सनातन संस्कृति के मूल संदेशों को जनमानस तक पहुँचाता है। गुंडिचा मंदिर को भगवान की मौसी का घर माना जाता है, जहाँ
उन्हें विशेष भोग अर्पित किया जाता है। यह यात्रा एक भावनात्मक पुनर्मिलन का प्रतीक है, जो श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार करती है। इस पुण्य अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र यादव, महामंत्री दीपक शर्मा, उर्मिला सरोज पटेल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजन ने धर्म, संस्कृति और जनभावनाओं का अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया। यह संपूर्ण रथयात्रा एक आध्यात्मिक-सांस्कृतिक उत्सव बन गई, जहाँ आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिला।