रायपुर – गुजरात के अहमदाबाद में आगामी आयुष इंडिया एक्सपो 2025 का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इस आयोजन की पूर्व संध्या पर आयोजित पत्रकार वार्ता में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल और औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार नहीं, बल्कि संतुलित जीवन जीने की कला है। यह प्राचीन पद्धति व्यक्ति के तन, मन और आत्मा को संतुलन में रखती है। तनाव, प्रदूषण और रसायनों से भरे जीवन में आयुर्वेद प्राकृतिक समाधान उपलब्ध कराता है। उन्होंने यह भी बताया कि आयुर्वेदिक औषधियाँ बिना दुष्प्रभाव के कार्य करती हैं और योग व प्राणायाम से मानसिक व शारीरिक ऊर्जा बनी रहती है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए आयुर्वेद को अपनाने और इसे भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर मानने की बात कही। उन्होंने त्रिफला, अश्वगंधा जैसी औषधियों के लाभों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री मुलुभाई बेरा, बापूनगर विधायक दिनेशसिंह कुशवाह, मलावी व लेसोथो के उच्चायुक्त, पूर्व गृह मंत्री राजनीभाई पटेल, भारत-आफ्रिका ट्रेड काउंसिल के अध्यक्ष, ऑल गुजरात आयुर्वेद मेडिकल एसोसिएशन के प्रमुखों सहित अनेक राज्यों व देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह उपस्थिति यह दर्शाती है कि आयुष इंडिया एक्सपो 2025 को अंतरराष्ट्रीय. पहचान मिल रही है। यह आयोजन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ते हुए समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।
