
बिलासपुर जिला अंतर्गत मस्तूरी थाना का क्रिया कलाप सन्देहास्पद नजर आता है, चाहे मामला चोरी का हो या किसी महिला उत्पीड़न का महिलाये घर से निकलने में संकोच करते है, लेकिन जब अपने ऊपर बीतने लगती है तो किसी मामले को लेकर जब थाना जाया जाता है तो यह कह कर मामला को टाल दिया जाता है। जब आपको कोई और कुछ जानकारी पता चले तो हमे सूचित करना और उस आवेदन को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। अगर आवेदक आवेदन की पावती मांग ले तो मुंशी जी कहते है जांच कर्ता अधिकारी जांच करने के बाद पावती देंगे यह कह कर मामला वही दबा दिया जाता है न कोई कार्यवाही की जाती है न कोई जांच चाहे मामला कितना भी संजीदा क्यो न हो उन्हें कोई फर्क नही पड़ता सरकार चाहे कितनी भी ढिढोरा पिट ले लेकिन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आज भी फैल है दावे तो करती है पुलिश लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही न करना उन्हें कटघरा में लाकर खड़ा कर देता है। थाना मस्तूरी में होने के बाद भी लोकल थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर ऐसी घटनाएं घट रही है जिसके शिकायत भी की जा रही उसके बाद भी कोई प्रतिक्रिया नही देना ऐसी लोगो का हौसला और बुलन्द करता है और लोग खुले आम गुंडा गर्दी गाली गलौच करते गली मोहल्ले से गुजरते है अब खबर लगने के बाद मस्तूरी पुलिस हरकत में आती है कि नही यह देखना दिलचस्प होगा।
