शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में बहुभाषिक रणनीतियों को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।
बीजापुर – डाइट बीजापुर में बहुभाषा शिक्षण प्रशिक्षण का पहला चरण दिनांक 19 मई से प्रारंभ हो गया है। प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला मिशन समन्वयक (DMC) श्री कमल झाड़ी द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्घाटन वक्तव्य में बहुभाषा की महत्ता और उसकी कक्षा-कक्ष में उपयोगिता पर जोर दिया। श्री झाड़ी ने उपस्थित शिक्षकों से अपील की कि वे बहुभाषिक शिक्षण की रणनीतियाँ स्वयं बनाएं और उन्हें अपनी कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करें, जिससे बच्चों की भाषिक और बौद्धिक क्षमता में सतत वृद्धि हो सके।उन्होंने यह भी कहा कि बहुभाषिक वातावरण न केवल बच्चों को भाषाओं के प्रति संवेदनशील बनाता है, बल्कि उनके समग्र व्यक्तित्व विकास में भी सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने नवीन शैक्षणिक सत्र में जिलेभर से आए शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षण वातावरण सृजित करने का आह्वान किया।इस अवसर पर डाइट फैकल्टी श्री मनोज कावटी ने कहा कि “बहुभाषा केवल एक शिक्षण तकनीक नहीं, बल्कि यह जीवन के हर मोड़ पर हमारे लिए एक अमूल्य संसाधन है। भाषाएँ बच्चों के अनुभवों और भावों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम होती हैं।”
प्रशिक्षण में बहुभाषा जिला नोडल श्री भूपति नक्का तथा मास्टर ट्रेनर्स श्री भीमचंद साहनी, श्री राजकुमार मोडियम, श्री बल्लूराम नेताम, श्री गणेश सोरी एवं श्री अर्जुन तेलम का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शिक्षकों को गतिविधि-आधारित और कक्षा-कक्ष में लागू की जा सकने वाली बहुभाषिक रणनीतियों से अवगत कराया।
यह संपूर्ण प्रशिक्षण डाइट प्राचार्य श्रीमती सरिता दुब्बा के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक गतिविधियाँ, समूह चर्चा, संसाधन निर्माण तथा स्थानीय भाषाओं के उपयोग पर विशेष बल दिया गया है।
