भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा ने जातिगत जनगणना के निर्णय का किया स्वागत।
महासमुंद – छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा राकेश चंद्राकर ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना में जाति गणना को शामिल करने के निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार को “साहसिक कदम” उठाने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश के लोगों को बहुत लाभ होगा। क्योंकि, प्रत्येक जाति की वैज्ञानिक और सटीक जाति जनगणना सही तरीके से दर्ज की जाएगी। जिससे किसी भी समुदाय के हितों को नुकसान पहुंचाए बिना आरक्षण के निष्पक्ष कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा। केंद्र के इस निर्णय से पिछड़ों सहित हाशिए पर चल रहे जातियों को उनका अधिकार मिल सकेगा। अब तक अनुसूचित जनजातियों के आंकड़ों को छोड़कर, राष्ट्रीय स्तर पर कोई आधिकारिक जाति गणना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़ों के अभाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए कल्याणकारी नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन में बाधा उत्पन्न हुई है। 94 वर्षों बाद इस प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने का मोदी सरकार का निर्णय साक्ष्य आधारित शासन और पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह साहसिक और पारदर्शी कदम सामाजिक न्याय, सूचित नीति निर्माण और भारत के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा ने आगे कहा कि भारत में आखिरी व्यापक जाति जनगणना 1931 में ब्रिटिश सरकार द्वारा की गई थी। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए जाति आधारित जनगणना की उपेक्षा करना और निजी संस्था के माध्यम से एकत्र किए गए जातिगत आंकड़ों को जारी न करना, कांग्रेस पार्टी का “पाखंड” है। आजादी के बाद से, कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों ने कभी भी जनसंख्या गणना के दौरान जातिगत आंकड़ों को शामिल नहीं किया। श्री चंद्राकर ने सभी राजनीतिक दलों, जाति-आधारित संगठनों, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों से राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर इस पहल का समर्थन करने की अपील की।
