बुनियादी, स्कूल, जंगल के आसपास न बिकें नशे की सामग्रियां।

कलेक्टर श्री मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नशामुक्ति समिति की बैठक हुई।

धमतरी – जिले के अस्पताल, बच्चों और किशोरों के आसपास नशे की सामग्रियां की बिक्री अब प्रभावशाली रोकटोक पर। ऐसा करने वाले सिलिकॉन या ठेला भिखारी पर अगली कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिलों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए इंक्वायरी कार्रवाई भी होगी। कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने इसके लिए निर्देशात्मक निर्देश नीचे दिए हैं। कलेक्टर ने आज नशामुक्त भारत अभियान के तहत जिला सांस्कृतिक समिति की बैठक में यह निर्देश दिये। उन्होंने नशे के अवैध कारोबार में लोगों की पहचान कर कठोर कार्रवाई करना, ऐसी दुकानें, मकान या घर की सतत निगरानी करना, नशे के आरोपियों की पहचान करना और उनकी जांच करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। श्री मिश्रा ने जिलों के जंगलों, जंगलों और टुकड़ों में छात्रों को नशे से बचाने वाले दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। उन्होंने इसके लिए छात्रों, स्ट्रक्चर और बिल्डिंग के विशेष वर्कशॉप और सेमीनार का आयोजन करने के निर्देश दिए।ढोलकिया ने स्थानीय स्तर पर नशे से होने वाले संबंध के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए महिला एस.एल.आस.आ.आ.स.अ., अस.अ., असोशिएट, द.शि.के.साथ-साथ-साथ द.आध्यात्मिक और दार्शनिकों की भी मदद लेने को कहा। श्री मिश्रा ने जिला अस्पताल में नशे की लत से पीड़ित पीड़ितों के इलाज के लिए संचालित टच-अप के साथ-साथ उनकी काउंसिलिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने नशामुक्ति की मूल बातें में स्ट्रीक्टॉल को परामर्श और मुफ्त दवा देने को भी कहा। कलेक्टर ने जिलों में शराब, शराब, तंबाकू और अन्य मादक द्रव्यों के अवैध व्यापार पर व्यापक कार्रवाई करने को कहा।बैठक में श्री मिश्रा ने जिलों में संचालित भारत माता वाहिनियों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने नशामुक्ति अभियान के लिए स्थानीय स्तर पर वॉलिंटियर्स का चिन्हांकन करने के निर्देश भी दिए, ताकि शहर से गांव तक नशामुक्ति जनमानस में जागरूकता लाई जा सके। इस बैठक में समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षक, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित नशामुक्ति केंद्र के पदाधिकारी एवं कई समाज सेवी शिक्षकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।