विकसित कृषकों की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से कृषि एवं वैज्ञानिक सेक्टर की अहम भूमिका-कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार।

बीज उत्पादन के लिए महिला कृषकों को जोड़ने पर बल।

धान के रकबा में कमी लाने के लिए मिलेट्स और दलहन-तिल्हन की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने सुपरमार्केट 2025 की तैयारी की समीक्षा करने के लिए नामांकित प्रमुख आरबी समीक्षा की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

कोंडागांव – कृषि क्षेत्र सहित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विकासशील देशों की परिकल्पना को साकार करना अहम भूमिका है। यह सूक्ष्मजीव के समग्र विकास की धुरी है। इसे बनाए रखा गया मक्का एवं मिलेट्स समुद्र तट, दलहन-तिलहन फसल क्षेत्र विस्तार, मसाला उद्योग के रकबा विस्तार के लक्ष्य को प्राप्त करने पर ध्यान केन्द्रित करें। साथ ही टॉलिक में शामिल जैविक खेती की अपार संपदा को देखते हुए जैविक खेती को प्रमुखता से बढ़ावा दिया जाए। वहीं सहयोगी और मत्स्यपालन एवं झींगापालन के लिए व्यापक स्तर पर शुरुआत की जाए। उक्त निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त सहला निगार ने कोंडागांव में आयोजित राष्ट्रपति आरबी रिव्यू 2025 की तैयारी की समीक्षा करने वाले अधिकारियों को नीचे दिया है। उन्होंने 2025 के स्टॉक्स का प्रभावशाली साइंटिस्ट सिक्योरिटी करने के लिए नियमित तौर पर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने किसानों के बीज की मांग को स्थानीय स्तर पर जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि कृषक वर्ग के कृषकों को कृषक वर्ग से अधिक से अधिक शामिल किया जा सके। क्वेश्चन बीज एवं अन्य सम्मिलित सामग्री की सहित दृश्य प्रशिक्षण से देखा जाए। उन्होंने फसल सीजन में धान के रकबा में कमी के लिए निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोदो-कुटकी और रागी मीट सहित दलहन-तिलहन खेती को बढ़ावा देने की बात कही। इस दिशा में मक्के की खेती को विशेष रूप से अनुमति देने के निर्देश दिए गए हैं।

जैविक खेती प्रोत्साहन प्रस्ताव बल

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि यहां की भूमि उर्वरता और पर्यावरण जैविक खेती के लिए काफी अनुकूल है। इसलिए अधिकाधिक किसानों को जैविक खेती के लिए अनुमति दें और उन्हें हरसंभव मदद से सुगम बनाएं। उन्होंने राष्ट्रीय मिशन और समुद्री मछली निर्माण के लिए भी किसानों को उपयुक्त निरूपित करते हुए इस दिशा में किराने का सामान तैयार करने के निर्देश दिए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने 10 साल के भीतर विभिन्न कृषि योग्य भूमि के रकबा विस्तार के लिए भी प्रयोगशालाओं के साथ वैज्ञानिक जाने के निर्देश दिए।

तेल तेल हब

कृषि उत्पादन आयुक्त ने राष्ट्रीय मिशन एवं एडिबले तेल की खेती के लिए व्यापक स्तर पर साइंटिस्ट बनाने पर बल देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों की उच्च भूमि और अनुकूल जलवायु वाले तेल पाम की खेती के लिए काफी मुनासिब है। किसान तेल पाम की खेती के साथ पामा रोजा एवं लेमनग्रास की ऑनलाइन फसल भी कर सकते हैं। साथ ही साग-सब्जी की खेती को भी अधिकृत किया जा सकता है। अतएव भविष्य में खाद्य तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल पाम की खेती को प्रोत्साहन दिया जाए। इस दिशा में कलस्टर किसान किसानों का चयन करें जिसमें उन्हें हरेक सहायता से आसानी से शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम ऑयल पाम के इंटरमीडिएट उत्पादन के लिए पेट्रोलियम पदार्थों की तैयारी के लिए संगम केंद्र की स्थापना भी प्रस्तावित है।कृषि उत्पादन आयुक्त ने किसानों की मांग के अनुरूप बीज-खाद और कृषि ऋण की गारंटी सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीज-खाद का लक्ष्य के आधार पर भंडारण और वितरण किया जाए। खाद-बीज के गुण के नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निरीक्षण किया जाना चाहिए जिसमें जांच एवं सामग्री अनिवार्य रूप से शामिल की जाए। वे अधिकारियों को खाद-बीज और वित्तीय ऋण सुविधा की नियमित रूप से समीक्षा करने सहित किसान क्रेडिट कार्ड में अद्यतन प्रगति की जानकारी देने के निर्देश देते हैं। साथ ही मित्र, कुक्कुटपालन, सुकरपालन, बकरापालन सहित मत्स्यपालन और उद्यानिकी उद्यम की खेती के लिए किसान क्रेडिट कार्ड प्रदाय पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में किसानों को लघु सिंचाई सिंचाई योजना, किसान समृद्धि योजना, सौर सुजला योजना के तहत किसानों को सिंचाई पंपों के विद्युतीकरण की भी समीक्षा की गई।इस दौरान आयुक्त स्टॉकहोम श्री डोमन सिंह ने कृषि विकास को लेकर सभी सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में विभिन्न हितग्राहीमूलक प्राधिकरणों से हरेक पात्र व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बल देते हुए इस दिशा में अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन करने के निर्देश दिए। बैठक में कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, सुकामा, बीजापुर एवं नारायणपुर के अध्यक्ष और सीईओ जिला पंचायत ने अपने-अपने जिलों में कृषि और संबंधित उद्यमों के लिए नवाचारों के बारे में विस्तार से बताया।बैठक में सचिव उद्यानिकी श्री एस.एस.जगद्दीन, अध्यक्ष मत्स्यपालन श्री नारायण सिंह नागा सहित सभी जिलों के सीईओ जिला पंचायत एवं कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, मत्स्यपालन, जल संसाधन आपूर्ति के अधिकारी शामिल थे।