पाली स्थित विनायक हॉस्पिटल के कर्मी द्वारा कोविड संक्रमित के परिजन से मारपीट का आरोप, प्रबंधन ने कहा- अस्पताल को बदनाम करने की साजिश, आहत संचालक ने कोविड केयर सेंटर का संचालन बंद किये जाने कलेक्टर को लिखा पत्र…

कोरबा/पाली:- (दीपक शर्मा)/  पाली मुख्यमार्ग किनारे स्थित निजी चिकित्सालय विनायक हॉस्पिटल में बीते दिनों यहां के एक स्टाफ द्वारा भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन से उपचार खर्च के हिसाब किताब को लेकर मारपीट किये जाने का आरोप के तहत थाने में लिखित शिकायत दी गई है जिसे लेकर अस्पताल के प्रबंधक द्वारा इसे हॉस्पिटल को बदनाम करने की साजिश बताया है तथा घटना से आहत होकर जिला प्रशासन के निर्देश पर अस्पताल में संचालित कोविड केयर सेंटर का संचालन बंद किये जाने उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखा है।

बता दें कि जिला प्रशासन के निर्देश पर पाली स्थित विनायक हॉस्पिटल में कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है जहां कोरोना संक्रमितों का उपचार किया जा रहा है।बीते दिनों पाली निवासी गिरिजाशंकर जायसवाल को कोविड संक्रमित पाए जाने पर उक्त अस्पताल में परिजनों द्वारा भर्ती कराया गया था जहां मरीज के दो दिन भर्ती रहने पश्चात परिजन धर्मेंद्र एवं तिलक जायसवाल द्वारा उपचार में हुए खर्च के हिसाब किताब किये जाने की बात पर यहां कार्यरत कर्मी बालकेश्वर श्रीवास्तव के द्वारा उनके साथ मारपीट किये जाने संबंधी आरोप लगाकर इसकी शिकायत पाली थाने में की गई है।मामले में उक्त हॉस्पिटल के संचालक कुंदन साहू ने इस घटना मामले को लेकर अस्पताल को बदनाम करने की साजिश बताया है।उन्होंने कहा है कि वर्तमान में कोविड केयर सेंटर स्थापित होने के बाद अस्पताल में 38 चिकित्सा कर्मियों का स्टाफ 24 घंटे कार्यरत है।पूर्व में पाली में कोविड संक्रमित मरीजों के लिए पूर्ण उपचार की सुविधा उपलब्ध न होने से बेहतर उपचार हेतु उन्हें 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय कर कोरबा एवं बिलासपुर स्थित कोविड अस्पतालों में निर्भर रहना पड़ता था जहां ले जाते समय गंभीर रूप से संक्रमित अनेक कोरोना मरीजों ने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया है।क्षेत्र की इस बेहद गंभीर समस्या को देखते हुए और जिला प्रशासन के निर्देश पर विनायक हॉस्पिटल में कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया ताकि कोरोना संक्रमित रहने वाले क्षेत्रवासियों को मजबूरीवश बाहर ना जाना पड़े और स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार के साथ सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाए।इसी के तहत बीते 24 अप्रैल को रात्रि 8 बजे स्थानीय निवासी कोरोना संक्रमित गिरिजाशंकर को अस्पताल में भर्ती किया गया जिसके उपचार हेतु उसके परिजनों से 20 हजार जमा कराया गया था, जहां 25 अप्रैल को रात 8 बजे मरीज को डिस्चार्ज किया गया जिसके 2 दिनों के उपचार का खर्च 12 हजार 400 सौ रुपए आया, शेष राशि 7 हजार 600 सौ रुपए मौके पर उपस्थित उसके परिजन धर्मेंद्र व तिलक जायसवाल को रिशेप्सनिस्ट प्रियंका श्रीवास द्वारा वापस किया जा रहा था किंतु वे दोनों हिसाब किताब में एक दिन के उपचार का राशि जमा कर शेष राशि वापस किये जाने की बात पर रिशेप्सनिस्ट से अभद्र व्यवहार करने लगे जहां प्रियंका श्रीवास ने इसकी जानकारी अस्पताल में कार्यरत कर्मी बालकेश्वर श्रीवास्तव को दी जिन्होंने दोनों युवक को समझाने की कोशिश की लेकिन वे अस्पताल के भीतर ही जोर- जोर से चिल्लाकर हंगामा करने लगे जिसके कारण मारपीट जैसी स्थिति निर्मित हुई।इस घटना से भर्ती मरीजों मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी।इस घटना से आहत हॉस्पिटल के संचालक कुंदन साहू ने कोविड केयर सेंटर को बंद किये जाने हेतु कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल को पत्र लिखा है जिसमे पूरे घटनाक्रम का भी उल्लेख किया है।