समाधान शिविरों की आवश्यक तैयारियां करें सुनिश्चित ।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बैठक में दिए निर्देश ।
गरियाबंद – कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सुशासन तिहार के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक ली। उन्होंने बैठक में सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री एवं मूल आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित करने के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने सभी आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करते हुए संबंधित विभागों को तय समय में आवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने एसडीएम एवं जनपद पंचायत के सीईओ को गंभीरता पूर्वक मॉनिटरिंग करते हुए आवेदनों के छंटनी एवं ऑनलाइन एंट्री तेजी से पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। इसके लिए पर्याप्त संख्या में ऑपरेटरों के अलावा मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी की भी ड्यूटी नियत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदनों की संख्या एवं प्रकृति को देखते हुए रणनीति बनाकर तेजी से आवेदनों को निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकतर आवेदन प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय निर्माण से संबंधित है, इसके लिए ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक लेकर निराकरण के लिए तत्परता से कार्य करें। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए पटवारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों का 30 अप्रैल तक निराकरण सुनिश्चित करें। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर श्री प्रकाश राजपूत सहित सभी एसडीएम एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारीगण मौजूद रहे। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बैठक में सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत 5 मई से होने वाले समाधान शिविरों की तैयारी के संबंध में भी आवश्यक चर्चा की। उन्होंने कलस्टर स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों की अच्छे से तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ को दिए। उन्होंने शिविर स्थल की साफ सफाई, पार्किंग, मंच, आमजनों की बैठक व्यवस्था सहित पेयजल आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने आवश्यक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। शिविर आयोजित होने वाले क्लस्टरों के गांवों में जरूरी प्रचार प्रसार एवं मुनादी भी करने के निर्देश दिए। जिससे क्लस्टर में शामिल गांवों के सभी ग्रामीणों को समाधान शिविर स्थल एवं तिथि की जानकारी मिल सके तथा ग्रामीण शिविर में आकर योजनाओं का लाभ ले सके।
