किरन्दुल-चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की अष्टमी तिथि को किरंदुल नगर के हृदय स्थल पर मौजूद बैलाडीला देवस्थान श्री राघव मंदिर में माता के महागौरी स्वरूप की पूजा की गई।श्री राघव मन्दिर के प्रधान पुजारी सत्येंद्र प्रसाद शुक्ला ने जानकारी दी कि मां महागौरी, मां दुर्गा का आठवां स्वरूप है। इन्हें आठवीं शक्ति कहा जाता है। महागौरी हीं शक्ति मानी गई हैं। पुराणों के अनुसार, इनके तेज से संपूर्ण विश्व प्रकाशमान है। दुर्गा सप्तशती के अनुसार, शुंभ निशुंभ से पराजित होने के बाद देवताओं ने गंगा नदी के तट पर देवी महागौरी से ही अपनी सुरक्षा की प्रार्थना की थी।
मां के इस रूप के पूजन से शारीरिक क्षमता का विकास होने के साथ मानसिक शांति भी बढ़ती है। माता के इस स्वरूप को अन्नपूर्णा, ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी भी कहा जाता है। इस दौरान संध्या काल में माता महागौरी की सामूहिक आरती की गई ।तत्पश्चात भजन कीर्तन का कार्यक्रम रखा गया ।
श्री राघव मंदिर में महाअष्टमी पर जगत देवी माता महागौरी की हुई सामूहिक आरती ।
