दिन दहाड़े सूरजपुर पुलिस की पिटाई , रौंब जमा रहे पुलिस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर चलाईं लाठियां…

संभागीय प्रमुख
मोहम्मद इकरार अहमद

सरगुजा/सूरजपुर। पूरे संभाग के लिए यह सनसनीखेज मामला है कि दिन दहाड़े सूरजपुर की पुलिस पीटाते चली आ रही है। हैरत की बात है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएगा तो क्या होगा, जहां ग्रामीणों के आगे नतमस्तक हुई खाखीं पर ग्रामीणों द्वारा जमकर बरसाई गई लाठियों की कहानी, पूरे पुलिस डिपार्टमेंट में किसी दाग़दार धब्बे से कम नहीं है। स्वच्छ पुलिस व बेहतर पुलिसिंग की पुष्टि स्वयं आई जी कर रहे हैं। वहीं आम आदमी के साथ बेहतर व्यवहार करने के लिए अधिकारियों द्वारा दिये जा रहे तमाम आदेशो निर्देशो के बावजूद भी कुछ ऐसे अधिकारी व जवान है जो सुधरने का नाम तक नहीं ले रहे है और वर्दी का रौब इस कदर उनके सिर चढ़ कर बोल रहा है कि वे किसी से कहीं पर भी बदसलूकी करने से बाज नहीं आ रहे है। ऐसे वर्दी धारियों की कारगुजारियों से परेशान लोग भी अब उन्हें उनकी भाषा मे ही जवाब देने को ना केवल तैयार हो रहे है बल्कि जवाब देना शुरू भी कर दिए है। एक ऐसा ही मामला जिले के दूरस्थ क्षेत्र से सामने आ रहा है। जहां एक युवक के साथ बेवजह लठमलठ्ठा कर रहे पुलिस वालों पर परेशान गांव के लोगो का ऐसा गुस्सा फूटा कि लोगो ने उनपर ही लठ्ठ बजा दिया है। जिससे शेर बनकर रौब दिखाते घूम रहे इन साहबानो की स्थिति गीदड़ों सी हो गई है और अपनी इज्जत बचाने में ही ये अपनी भलाई समझते हुए साइलेंट की मुद्रा में आ गए है। सूत्रों से जो जानकारी निकलकर सामने आई है। उसके मुताबिक लाकडाउन के नाम पर जिले के एक दूरस्थ थाने की पुलिस बीते दिनों गांव में पहुंचकर एक ग्रामीण को बेवजह जलील कर उनके साथ पुलिसिया रौब दिखाकर मारपीट करने लगी। यह कोई पहला अवसर नहीं था जब गांव के लोगो को पुलिस के इस बर्ताव का सामना करना पड़ा हो। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह का व्यवहार उनके लिए तो आम बात हो गई है। रोज रोज के इस पुलिसिया बर्ताव से गांव के लोग भी परेशान हो चले है। ग्रामीणों के मुताबिक तीन दिन पूर्व भी प्रभारी व उनके गुर्गों के द्वारा एक ऐसा ही कारनामा कर युवक के साथ बेवजह मारपीट की जा रही थी। जिसको देख परेशान ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और प्रभारी महोदय का भरपूर सम्मान करते हुए जमकर लतम जूतम बजा दिया। फिलहाल इस मामले के बाद दोनों पक्ष खामोश रहने में ही अपनी भलाई समझ रहे है। नहीं तो इज्जत का ,,,,,,,!

ग्रामीणों के अनुसार पिछले वर्ष भी जुए की कार्यवाही को लेकर पुलिस का इसी तरीके से अतिथि सत्कार किया गया था। लेकिन उससे सबक ना लेते हुए पुनवृति से ग्रामीणजनों ने नाराज होकर इस बार इतना सम्मान दिया है कि उसके बाद शायद कुछ बाकी नहीं रह गया है।