हिंदुस्तानी
जहा लोगो के मन मे पवित्र गंगा बहती है |
और हाथो मे गर्वसे तिरंगा होता है|
उसे हिंदुस्तान कहते है|
जहा जय जवान जय किसान का नारा लगता है|
और जहा आज भी रामायण-महाभारत पडी जाती है |
और जहा आज भी भगवद्गीता के सिद्धांतोपे लोग चलते है|
उसे हिंदुस्तान कहते है|
जहा छत्रपती शिवाजी राजे और सुभाष बाबु को नमन किया जाता है|
जहा भगतसिंग राजगुरु शहीदो को सम्मान मिलता है|
और जहां मेहमानों को तो क्या दुश्मनों को भी इज्जत मिलती है|
उसे हिंदुस्तान कहते है|
जहा आज भी राम-सिता जोडी को आदर्श मानते है|
जहा बालक भगवान कृष्ण का रूप कहते है|
और जहा रोटी खाने से पहिले भगवान को याद किया जाता है|
उसे हिंदुस्तान कहते है|
जा आज भी सरस्वती देवी का पूजन किया जाता है|
जहा आज भी नारी को देवी दुर्गा का रूप कहते है|
और जहा हर शुरुवात से पहिले गणेश पूजन किया जाता है|
उसे हिंदुस्तान करते है|
जहा की युवाशक्ती की गरिमा सात समुंदर पार है|
जहा के विद्यार्थी विवेकानंद को अपना गुरु मानते है|
उसे हिंदुस्तान कहते है|
कविराज अमोल मांढरे
वाई तालुका वाई जिल्हा सातारा
Mob no
७७०९२४६७४०
