सरकार का प्रशासनिक तंत्र मीडिया को दे रहे भ्रामक जानकारी ।
प्रमोद दुबे
महासमुंद – युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व नगर पालिका सभापति निखिलकांत साहू ने भाजपा की साय सरकार पर महिलाओं को महतारी वंदन के नाम पर ठगने का आरोप लगाया है। श्री साहू ने कहा कि 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 10 में 5 महिलाओं को महीने. 2 महीने के अंतराल में राशि मिल रही है। कई महिलाओं को 9 किस्त में से केल 3 से लेकर 5 किस्त ही मिल पाए हैं। नियमित राशि नहीं आने से महिलाए अपने को ठगा महसूस कर रही है। और सरकार दिन. प्रतिदिन विज्ञप्ति जारी कर इस योजना के नाम पर झूठी वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है। श्री साहू ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने से पूर्व भाजपा ने घोषणा पत्र में सभी माताओं. बहनों से वादा किया था किए उनकी सरकार बनते ही महतारी वंदन योजना के तहत प्रत्येक विवाहित महिलाओ को 12 हजार सालाना याने 1.1 हजार रूपए मासिक रूप से बैंक खाते में हस्तांतरित करेगी। जिस पर भरोसा कर प्रदेश की लाखों माताओं. बहनों ने छग में भाजपा की सरकार बनाई। लेकिन जुमलेबाज सरकार ने ना तो सरकार बनते ही राशि दी और ना ही सभी महिलाओं को योजना का लाभ प्रदान किया। अनेक नियम लादकर कई पात्र महिलाओं को योजना से वंचित कर दिया गया। यही नहीं पहले से विधवा, निराश्रित, परित्यक्ता, विकलांग महिलाओं को जो 500 रु पेंशन राशि मिल रही थी। उन महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत केवल 500 रु ही प्रदान किया जा रहा है जबकि नियमतः उन्हें 1500 रु मिलना चाहिए। वर्तमान में साय सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को योजना के तहत राशि प्रदान करने की झूठी वाहवाही लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रशासन की ओर से मीडिया को जारी एक विज्ञप्ति में महतारी वंदन योजना के 10 किस्तों का भुगतान किया जाना बताया गया है। जबकि अभी तक केवल 9 किस्तों का भुगतान ही किया गया है। यह 9 किस्त भी पंजीकृत सभी महिला हितग्राहियों को नहीं मिली है। प्रशासन की ओर जारी विज्ञप्ति में महासमुंद जिले में 3 लाख 26 हजार महिलाओं को लाभ मिलने का दावा किया गया है। सरकार की चापलुसी करने से पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञात होना चाहिए कि सरकार ने योजना का भुगतान कब से शुरू किया है। इस योजना का भुगतान मार्च 2024 से शुरू किया गया है। इस लिहाज से नवंबर तक का केवल 9 माह ही होता है। जबकि अभी दिसंबर की राशि महिलाओं के खाते में नहीं आई है।
