फिंगेश्वर (गरियाबंद) भाजपा के छत्तीसगढ़ स्तरीय भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ एक दिवसीय प्रतीकात्मक वर्चुअल धरना प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी
बताते हुए पूरे करोना संक्रमण के मामले की अपनी जिम्मेदारी से बचने केंद्र की मोदी की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य गैर भाजपाई राज्य सरकारों पर थोपने का प्रयास करते हुए,ऐसी आपदा के समय में बहुत गैर जिम्मेदाराना हरकत बताते हुए जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के उपाध्यक्ष राकेशतिवारी ने भाजपा के इस कृत्य की निंदा की है और कहा कि सबसे पहले कोविड 19 के भारत में आने और फैलने की चूक केन्द्र की मोदी सरकार की अज्ञानता और गैर जिम्मेदाराना आत्मघाती कदमों के उठाने की वजह से हुई है,देश में सबसे करोना संक्रमित की पहचान 30 जनवरी 2020 को हुई, तब से केन्द्र सरकार ने करोना से बचाव के लिए कोई सकारात्मक और युक्तियुक्त पहल नहीं की और बिना किसी तैयारी के अचानक लाकडाउन के रूप में देश के लिए आत्मघाती कदम उठा लिए जिसमें असंख्य लोग मौत के मुंह में चले गए और बेघर हो अपने रोजगारों से हाथ हाथ धो बैठे,इसी बीच देश की जनता की सूझबूझ से करोना संक्रमितों और मौतों की संख्या में कमी आने लगी तो आत्ममुग्ध मोदी जी ने अपनी उपलब्धि बताते हुए सार्वजनिक रूप से यह कहा कि ‘हम ने देश में कारोना वायरस पर नियंत्रण पा लिया है और सारे देश हमारी ओर देख रहे हैं।’ यही से मोदी सरकार की दूसरी और खतरनाक चूक की शुरुआत हुई और बिना समुचित जाॅच, बिना लोगों को मानसिक व तकनीकी रूप से तैयार किए दिल्ली में बैठ कर बिना करोना संक्रमण समाप्त हुए जल्द बाजी में अनलाक करने का सिलसिला शुरू कर दिया,वहीं से चुनावों, सम्मेलनों,सामूहिक व सार्वजानिक आयोजनों को करने की छूट मिलने लगी,मोदी सरकार खुद आत्ममुग्ध हो देश की जनता को ऐसी विपदा में धकेल कर अपने हाल पर छोड़ दी,अब उसी का परिणाम देश भुगत रहा है,साल भर में न तो सरकार ने करोना की कारगर दवा,वैक्सीन, अस्पतालआक्सीजन,वेंटिलेटर की समुचित व्यवस्था राज्यों के लिए कर पाई और केंद्र की मोदी सरकार अपनी अहम जिम्मेदारी राज्यों के मत्थे मढ़ने का षडयंत्र कर रही है,आज करोना पूरे देश में चरम पर है और मोदी जी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ गोपनीय वर्चुअल बैठकें मात्र कर रहे हैं,अब जबकि गुजरात,उतर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक में करोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर बहुत तेजी से खतरनाक रूप हुई है, तब अपनी जिम्मेदारी से बचने का बचकाना प्रयास कर रहे हैं,जबकि खुद उन्हें अब सामने आकर बिना राज्यों में भेदभाव किए इस आपदा से निपटने के लिए सब के सहयोग से सार्थक भूमिका निभानी चाहिए,न कि अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के पीछे छिप कर इस विपदा के समय गैर भाजपाई राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे करोना के विरुद्ध लड़ाई को बाधित करने के लिए उकसाना चाहिए।
