कांग्रेसियों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती मनाई।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद- स्थानीय गांधी कांग्रेस भवन में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व.इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी जी की जयंती के अवसर पर उनको याद करते हुवे श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमन्त्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। वे भारत की प्रथम और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं। कांग्रेस पार्टी के अंदर 1959 और 1960 के दौरान इंदिरा जी चुनाव लड़ीं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयीं। पंडित जवाहरलाल नेहरू का देहांत 27 मई 1964 को हुआ और इंदिरा नए प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रेरणा पर चुनाव लड़ीं और तत्काल सूचना और प्रसारण मंत्री के लिए नियुक्त होकर सरकार में शामिल हुईं।  रश्मि ने अपने उद्बोधन में इस बात की उल्लेख किया कि आज अनेक पार्टी जो वंशवाद की बात करते हैं उनके लिए एक उदाहरण है कि जब तक पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री रहे उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी को कोई भी राजनैतिक पद में चुनाव लड़ने नहीं दिया एवं ना ही भारत सरकार में कोई मंत्री पद दिया। पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के पश्चात तात्कालिक प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी के कहने पर मंत्री पद ग्रहण की।

आज बांग्लादेश में वर्तमान स्थिति में हिंदुओं की स्थिति अत्यंत खराब होने के पश्चात भी तथाकथित 56 इंच का सीने वाला प्रधानमंत्री कोई भी उपाय नहीं कर रहा है जिससे हिंदुओं की रक्षा हो सके आज हालात यह हैं कि मीडिया और सत्ताधारी नेता बांग्लादेश के समस्याओं के बारे में बात करना बंद कर दिया है एवं न्यूज़ चैनलों ने बांग्लादेश का समाचार दिखाना बंद कर दिया है। आज के दिन झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जी की भी जयंती होने के कारण झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को याद करते हुए उन्हें भी श्रद्धा सुमन अर्पित की गई।

कार्यक्रम में खिलावन बघेल, श्रीमती राशि महिलांग नगर पालिका अध्यक्ष, ढेलू निषाद, प्रमोद चंद्राकर, दाऊलाल चंद्राकर, हीरा बंजारे, संजय शर्मा, श्रीमती लक्ष्मी देवांगन, सोमेश दवे, प्रदीप चंद्राकर, भरत ठाकुर, पार्षद राजेश नेताम, सुनील चंद्राकर, नितेंद्र बैनर्जी, निर्मल जैन, श्रीमती लताकैलाश चंद्राकर, ममता चंद्राकर, तुलसी साहू, मोती साहू, बसंत चंद्राकर, चंद्रेश साहू, सोनम रामटेके, मो जाकिर रजा, भरत बुंदेला, अब्दुल जावेद, तुलसी देवदास, युवराज साहू, इब्राहीम खान, भानु सोनी आदि उपस्थित थे।