राशन कार्ड के हजारों आवेदन पेंडिंग, चक्कर काट रहे गरीब हितग्राही: विनोद चंद्राकर।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने आरोप लगाया है कि पात्र हितग्राहियों का राशन कार्ड न बनाकर अपात्र लोगों का राशन कार्ड रूपए लेकर हाथों. हाथ बनाया जा महासमुंद जनपद में विगत दिनों फर्जी तरीके से रूपए लेकर राशन कार्ड बनाए जाने का मामला प्रकाश में बाद भी इस कार्य में संलिप्त लोगों पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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जिससे राशन कार्ड के अवैध लिप्त दलालों व कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। विगत 6.6 माह से हजारों आवेदन जनपद के खाद्य शाखा में पेंडिंग पड़े हुए हैं। हितग्राही राशन कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें राशन कार्ड नहीं दिया जा रहा। वहीं दलाल व संलिप्त लोगों द्वारा रूपए की मांग की जा रही है। जो रूपए देने में सक्षम हैं तथा 3 से 5 हजार रूपए दे रहे हैं, उनका राशन कार्ड हाथों हाथ मिल रहा है। यह स्थिति जिले के समस्त जनपदों व निकायों में व्याप्त है। पैसे दो और कार्ड लो का खेल चल रहा है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई जाँच व कार्रवाई नहीं होना खाद्य शाखा के अधिकारी. कर्मचारियों की मिलीभगत को भी इंगित कर रहा है। श्री चंद्राकर ने कहा कि 2 माह पूर्व उन्होंने कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

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उन्होंने कलेक्टर से इस मामले में जाँच कर दोषियों को राशन कार्ड के कार्य से हटाने की मांग कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राशन कार्ड प्रदान करने का निवेदन किया था। लेकिन आज तक इस प्रकरण में जाँच, कार्रवाई नहीं हुई है। कई हितग्राहियों ने बताया कि 6 माह पूर्व से राशन कार्ड के लिए आवेदन किए हैं, जो भी दस्तावेज मांगे गए हैं उन्होंने दी है। दस्तावेज पूर्ण होने के बाद भी 6 माह से उनका आवेदन लंबित होना समझ से परे है।