कुरूद में निकली ईश्वर “गौरी-गौरा” की बारात, हाथों में साकड़ मरवाकर लोगों ने किया आस्था प्रकट।

श्रावण साहू

 कुरुद – छत्तीसगढ़ के लोक पारम्परिक पर्व दीपावली, गोवर्धन पूजा और गौरा-गौरी विसर्जन कुरूद और ग्रामीण अंचलों में धूमधाम से मनाया गया। ” ईश्वर” गौरी-गौरा मूर्ति की स्थापना करके शिव-पार्वती का विवाह कराने की परंपरा निभाई गईं।

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रातभर गीत गाकर करसा परघउनी करके गौरा चौरा में स्थापित किया गया। गोवर्धन पूजा के बाद बाजे-गाजे के साथ गौरा-गौरी को तालाब में विसर्जित किया गया। महिला-पुरुष पर सवार देव झुपते नजर आए। इस दौरान श्रद्धालुओं व नेताओ ने साकड़ मरवाकर अपनी आस्था प्रकट किया।

शुक्रवार को नगर के संजय नगर,इंदिरा नगर, सरोजिनी चौक, दानीपारा, पचरीपारा, सिरसा चौक, बजरंग चौक, गोड़ पारा सहित ग्राम चर्रा, मोंगरा, कातलबोड़, परखंदा, गाड़ाडीह, उमरदा, चरमुड़िया सहित गांवों में गौरा-गौरी की स्थापना के बाद शनिवार को विसर्जन किया गया।तत्पश्चात गाेवर्धन पूजा पर किसानों ने गायो की पूजा कर खिचड़ी खिलाई। यादव बंधुओं ने गौ माता को सोहई बांधा। गांव के साहड़ा देव में गोवर्धन पूजाकर गांव की सुख शांति की कामना के साथ गोबर का तिलक लगाकर एक दूसरे को पर्व की बधाई दिया।बता दें कि चार दिनों तक विवाह की विभिन्न रस्मों को विधि-विधान के साथ पूरा किया गया।

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कुरुदवासी मुकेश कश्यप, महादेव ध्रुव, कुबेर साहू, भूषण साहू, विजय साहू ने बताया कि चतुर्दशी पर चूलमाटी लेने गौरा-गौरी विवाह की शुरुआत धनतेरस के दिन से होती है।चौदस के दिन सुबह चूलमाटी समेत अन्य रस्म होती है। दीपावली के दिन गौरा व गौरी की प्रतिमाओं के साथ विवाह की रस्में पूरी की जाती हैं। गोवर्धन पूजा के दिन गौरा व गौरी की प्रतिमा का तालाबों में विसर्जन किया जाता है। श्रद्धालुओं ने बताया कि हाथ मे सोंटा से मार खाने के बाद सभी तरह के दुख और परेशानियां दूर हो जाती है।

विधायक सहित नेताओं ने की पूजा-अर्चना

गौरा-गौरी विसर्जन के दौरान क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर, नगर पंचायत अध्यक्ष तपन चंद्राकर, नेता प्रतिपक्ष भानु चन्द्राकर,पार्षद राखी चन्द्राकर, ब्लॉक अध्यक्ष आशीष शर्मा, जिला महामंत्री प्रमोद साहू, पार्षद देवव्रत साहू ने गौरा-गौरी की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। संजय नगर में तपन चन्द्राकर ने साकड़ मरवाकर आस्था प्रकट किया। इस दौरान बड़ी संख्या में वार्डवासी शामिल हुए।

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