नकली बीज कारोबारी की दुकान में पुलिस का छापा।

नकली बीज के 57 भरे पैकेट और 4 खाली पैकेट को किया गया जप्त।

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सुरेन्द्र मिनोचा

मनेंद्रगढ़/एमसीबी – जिले के केल्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मनवारी में फर्जी बीज पैकेजिंग मामले में द्वारा कार्यवाही की गई है।उपरोक्त संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मनवारी में दिनेश साहू बीज दुकान में पायनियर कंपनी की सरसों की नकली बीज पैकेजिंग कर बेचने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी।जिस पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने दुकान से एक किलो मात्रा की 57 भरी पैकेट पायनियर कंपनी की नक़ली सरसों बीज और 4 खाली पैकेट को जप्त किया है।

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केल्हारी थाना प्रभारी टिकेश्वर यादव ने बताया कि केल्हारी क्षेत्र में फर्जी सरसों बीज बेचने की सूचना मिलने पर एमसीबी पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह ठाकुर के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वाडेगांवकर एवं एसडीओपी ए .टोप्पो के मार्गदर्शन पर थाना केल्हारी पुलिस द्वारा फर्जी सरसों बीज बेचने वाले दुकानदार दिनेश साहू पिता रामगोपाल साहू उम्र 33 वर्ष मनवारी स्थित दुकान में पायनियर कंपनी के दो अधिकृत व्यक्ति के साथ संयुक्त रूप से चेक करने पर पायनियर कंपनी के नकली सरसों बीज के 57 भरी पैकेट और 4 खाली पैकेट मिला है। पायनियर कंपनी में अधिकृत व्यक्ति जीवन कुमार की शिकायत पर दिनेश साहू के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), कापी राइट अधिनियम 63, 65, ट्रेडमार्क अधिनियम 102,103,104 के तहत् कार्यवाही की गई है।

“कई मल्टीनेशनल कंपनियों के नकली बीज पैकेजिंग कर बना मालामाल”

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक दिनेश साहू कई बड़ी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के नकली बीज पैकेजिंग कर बेचता है। पुलिस की कार्यवाही के दौरान कई कंपनियों के खाली पैकेट पाए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि नकली बीज के इस गोरखधंधे में दिनेश साहू बीते कई सालों से लगातार लगा हुआ है और करोड़ों की संपत्ति भी इस कारोबार से बना ली है।मल्टीनेशनल कंपनियों के नकली बीज पैकेजिंग करने के लिए लिए वह मशीन का उपयोग करता था। हालांकि अभी तक पुलिस ने मशीन को जप्त नहीं किया है। उम्मीद है पुलिस इस मशीन को भी जप्त करेंगी, जिससे इसके काले कारोबार पर लगाम लग सके।

आखिर कृषि विभाग ने अभी तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार दिनेश साहू बीते कई वर्षों से नकली बीज पैक कर बेचने का काम कर रहा हैं। कृषि विभाग इस पर रोक लगाने में उदासीन बना हुआ था। किसान भी इस दुकान से बगैर प्रमाणित बीज खरीद कर धोखा खा रहें हैं। कृषि विभाग का आज तक इस दुकानदार पर कार्यवाही ना करना कही ना कही संदेह को जन्म देता है।