पांच साल की बच्ची हर्षिता पटेल प्रतिदिन रखती है चिड़ियों के लिए पानी
प्रकाश वर्मा सह सम्पादक खबरगंगा
राजिम। चौबेबांधा के पांच वर्षीय बालिका हर्षिता पटेल इन दिनों भीषण गर्मी को देखते हुए चिड़ियों के लिए मिट्टी के बर्तन में प्रतिदिन पानी रखती है ऐसा नहीं है कि उन्हें पुराना पानी पिलाते हैं बल्कि प्रतिदिन सुबह-सुबह गिलास लेकर उसमें पानी डालने का काम करती है। उल्लेखनीय है कि इनका घर नदी किनारे चौबेबांधा पुल के पास स्थित है। पिता थनवार पटेल का सड़क किनारे ही घर में छोटा सा दुकान है इस कारण दिन भर घर में ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्ष से नन्ही बालिका हर्षिता मुझे जीदकर गर्मी लगते ही मिट्टी के बर्तन मंगवाते हैं और इसे रस्सी से टांग देता हूं वह प्रतिदिन इसमें पानी डालने का काम करती है पशु पक्षियों के प्रति इनका प्रेम बचपन से ही देखकर मैं खुद अचंभित हूं। इसी तरह से मुक पशु पक्षियों के प्रति लोग प्रेम करें उनके खाने-पीने तथा रहने का इंतजाम करें तो इससे बड़ा पुण्य और क्या हो सकता है। यदि चिड़िया पानी पीने के लिए आती है और पी रही होती है उस समय यदि कोई उसके नजदीक चला जाए तो यह दूर से ही उसे चिल्लाकर वहीं पर रोक देते हैं। ताकि चिड़िया रानी भरपूर मात्रा में अपनी प्यास बुझा सकें। अभी हर्षिता पटेल आंगनबाड़ी में पढ़ाई करती है। कोरोनावायरस व लॉक डाउन के चलते केंद्र में नहीं जा पा रही है। पूरे समय घर में ही खेलकूद कर व्यतीत करती है। ज्ञातव्य हो कि थनवार पटेल के दो पुत्री जिनमें बड़ी पुत्री हर्षिता पटेल तथा छोटी डाली पटेल एवं पुत्र द्रोण बिल्कुल छोटा है तीनो भाई बहन में स्नेह उनके बातचीत से ही परिलक्षित होती है मां मजदूरी के साथ ही घर संभालती है। बता दें कि गांव से लगा हुआ नवापारा राजिम शहर में इन दिनों घूम रहे पशुओं को पानी पिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन के द्वारा कोटना का इंतजाम किए हैं। ताकि कोई भी जानवर प्यासा ना रहे। तरह से अनेक ऐसे दान दाता है जिन्होंने आने जाने वाले राहगीरों के लिए प्याऊ सेंटर खोल रखे हैं और अपने जेब से पैसा देकर लोगों को पानी पिलाने का अनुकरणीय काम कर रहे हैं। हर्षिता पटेल की इस सोच ने लोगों को काफी प्रभावित किया और आने जाने वाले लोग इनके कार्यशैली को देखकर तारीफ करना नहीं भूलते। कवि एवं साहित्यकार संतोष कुमार सोनकर मंडल ने बताया कि आमतौर पर छोटे बच्चे लावारिस जानवरों को देखकर डंडे मारते हैं लेकिन इस बालिका में पशु पक्षियों के प्रति प्रेम अच्छी सोच का परिणाम है। निश्चित ही इनके माता-पिता अच्छे संस्कार के साथ अपने बच्चे को बड़े कर रहे हैं। इनका परिणाम दूरगामी होगा। अंचल के प्रसिद्ध लोक गायक दीपक श्रीवास ने कहा कि पशु पक्षी हमारे मित्र है प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मनुष्य को इनसे फायदा ही होता है अतः इनकी सेवा करना हमारा कर्तव्य है। प्यासे को पानी पिलाना, भूखे को भोजन देना, रोगी की मलहमपट्टी करना तथा जरूरतमंदों की सहायता करना हमारे देश की तासीर है।

