सुन पिता की दुख भरी कहानी हर आँखों में भर आईं पानी।
कविता “”””””””””””””” विषय-डोली और अर्थी “”””””””””””””””””””””””‘””””” सुन पिता की दुख भरी कहानी हर आँखों में भर आईं पानी। बड़े अरमानों से निकली डोली सबकी अपनी भाषा और बोली। ससुराल पहुँच हुई वह सयानी रिश्तों की दुनिया में उलझी रहती मायके में कभी कुछ न कहती रोज-रोज बेवजह ताने सुनती। मन ही मन हरदम रोते ही…
