कृषि के साथ पशुपालन बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी।
बैंकों द्वारा 10 करोड़ रुपये से अधिक के 15 प्रकरण स्वीकृत। धमतरी – कभी पशुपालन को गांवों में खेती का केवल सहायक माना जाता था—घर के लिए दूध, अंडा या कुछ अतिरिक्त आमदनी तक सीमित। लेकिन आज धमतरी जिले में पशुपालन सिर्फ सहायक गतिविधि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की रीढ़ बन चुका है। यह वह बदलाव…
