अंबे आज आयी है द्वार, कर लो मैया जी का सत्कार। सिंह पे सवार मैया , दुष्टों को मार गिराती है। महिषासुर मर्दिनी कालिका वही तो कहलाती है।
अंबे आज आयी है द्वार, कर लो मैया जी का सत्कार। सिंह पे सवार मैया , दुष्टों को मार गिराती है। महिषासुर मर्दिनी कालिका वही तो कहलाती है। श्रद्धा और प्रेम से, शक्ति की भक्ति करके। भवसागर को पार कर , जीवन अपना संवार लो । अंबे आयी हैं आज द्वार , कर लो मैया…
