पढ़िए नूतन लाल साहू की लिखी कविता – हकीकत…
हकीकत आंनद एक आभास है जिसे हर कोई ढूंढ़ रहा है दुःख एक अनुभव है जो आज,हर एक के पास है फिर भी जिंदगी में वही कामयाब हैं जिसको खुद पर विश्वास है आत्मा को जानें बिना कोई,ज्ञानी तो कहलाता नहीं आदमी जानबूझकर अनजान बनता है जैसे सदा जिंदा रहेगा तन है नगरी,मन है मंदिर…
