गोमे मुठभेड़ की न्यायिक जाँच कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही ।

बिप्लब कुंडू

पखांजूर–  आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ के प्रमुख राजेश नुरूटी ने प्रेस नोट जारी कर गोमे मुठभेड़ की न्यायिक जाँच कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही और मृतक के परिजनों को 50-50 लाख मुआवजा की मांग की हैं।

कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के अंतिम छोर गोमे जंगल में दिनांक 21ऑक्टबर दिन शनिवार को हुई पुलिस नक्सल मुठभेड़ फर्जी है इस मुठभेड़ की सच्चाई यह है कि जिला नारायणपुर ओरछा ब्लॉक अबूझमाड़ के ग्राम पंचायत अदनार के ग्राम ककनार के निवासी काना बेड़दा पिता स्व.झिरंगू बेड़दा उम्र 23 वर्षीय जाति माड़िया मोड़ा राम पददा पिता स्व. अड़वे राम पददा उम्र 18 वर्षीय जाति माड़िया एवं इनके साथ 7 ग्रामीण दिनांक 20 ऑक्टबर दिन शुक्रवार कोयलीबेड़ा साप्ताहिक बाजार से अपने गांव वापस जाने से शाम होने के कारण ग्राम गोमे में अपने रिश्तेदार पुनेश मण्डावी के घर में रात रूके। ककनार से कोयलीबेड़ा साप्ताहिक बाजार की दूरी 40- 50 किलोमीटर हैं । अबूझमाड़ के माड़िया जनजाति के लोग पैदल चलकर इसी साप्ताहिक बाजार से ही अपने दैनिक जरूरतों की पूर्ति करते हैं। साथ ही साथ सरकार की ओर से दिए जाने वाला राशन सामग्री भी यही से ले जाते है। इसी प्रकार से शनिवार सुबह करीब 6.30 बजे अपने राशन सामग्री लेकर गांव ककनार लौट रहे थे । उसी वक्त गस्त से वापस लौट रही बीएसएफ,डीआरजी, बस्तर फाइटर के जवानों ने बीच रास्ते से पकड़ा और उनके साथ रही महिलाओ को पूछताछ कर छोड़ देने का हवाला देकर घर भेज दिए। बाद में काना बेड़दा और मोडा पददा को कुछ दूर ले जाकर क्रूर यातनाएं दे कर निर्मम हत्या कर नक्सल वर्दी पहनाकर मुठभेड़ का नाम दिया।
आप सभी जानते हैं कि छः ग के बस्तर संभाग में ये पहली घटना नहीं है । इससे पहले भी बस्तर में कई घटनाएं घट चुकी है केंद्र वा राज्य सरकार मिलकर निरंतर आदिवासियो को खत्म करने का साजिश रच रही है। ये आदिवासी समुदाय के लिए बहुत बड़ी सोचनीय विषय एवं निंदनीय घटना है।
इसलिए बस्तर संभाग के हम सभी मूलवासी समुदाय जनता को एकझूट होकर इस अत्याचार शोषण के खिलाफ व गोमे फर्जी मुठभेड़ के खिलाफ जुझारू संघर्ष करना चाहिए। इस तरह की कृत्य घटनाओं का आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ घोर निन्दा करती है और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही और पीड़ित परिजनों को 50 -50 लाख मुआवजा की मांग करती हैं।
आप सभी सामाजिक कार्यकर्ता,मानवाधिकार,बुद्धिजीवी, पत्रकार मीडिया बंधुओं, छात्र, नवजवान, मजदूर किसानो, से आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ अपील करती है कि गोमे फर्जी मुठभेड़ को कड़ी से कड़ी निन्दा करे तथा मृतको के परिजनों को न्याय दिलाने में आगे आवे।