मनेंद्रगढ़ विधायक एवं चिरमिरी महापौर के नेतृत्व में सावन माह के अंतिम सोमवार को निकाली गई भव्य त्रिशूल यात्रा।

सुरेन्द्र मिनोचा

चिरमिरी :- मनेन्द्रगढ़ विधानसभा के विधायक डॉ विनय जायसवाल एवं चिरमिरी की प्रथम नागरिक कंचन जायसवाल के द्वारा पहली बार सावन माह के अंतिम सोमवार को विशाल रूप में महादेव शंकर की प्रतिमा स्थापना से पूर्व त्रिशूल यात्रा निकाली गई।पूरा शहर हर हर महादेव के रंग और उनके नारों से गूंजता हुआ दिखाई दिया।

 

विधानसभा स्तरीय इस विशाल यात्रा को सभी ने सराहा जहां हर व्यक्ति भगवान भोले की धुन में थिरकता हुआ दिखा।विधायक मनेंद्रगढ़ ने इस पूरे आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सावन पर्व के पवित्र माह को हम सभी अपने साथियों के साथ भगवन भोले का मंत्रो उच्चारण कर मना रहे है।पर इस बार हमारे शहर चिरमिरी को एक अलग पहचान दी जा रही है,शहर के हजारों श्रद्धालुओं की यह वर्षो पुरानी मांग थी कि हल्दीबाड़ी में हिरागिरि पहाड़ में स्थित पंचवटी मंदिर में देवों के देव महादेव शिव की प्रतिमा स्थापना के प्रथम कार्य में उनके त्रिशूल की स्थापना की जय,जो इस शहर और इस प्राचीन मंदिर को एक अलग पहचान देगी।

इस तारतम्य में त्रिशूल यात्रा का आगाज चिरमिरी शहर के डोमनहिल क्षेत्र में स्थापित माँ काली के चरणों में वंदन कर किया गया।यह यात्रा डोमनहिल से गोदरीपारा क्षेत्र होते हुए,बड़ा बाजार से हल्दीबाड़ी के काली मंदिर स्थल होकर पंचवटी पहाड़ तक जाएगी,यात्रा में सभी श्रद्धालुगण शिव के त्रिशूल को अपने कांधो पर रख कर प्रचीन मंदिर में स्थापित करेंगे।विधायक ने कहा कि मै इस धार्मिक अयोजन को राजनीति रूप नहीं देना चाहता पर यह सोचने का विषय है कि पूर्व की सरकार और उनके नुमाइंदों ने कभी इस ओर सुध नहीं ली,वह लोग मात्र भगवन श्री राम के नाम पर राजनीति करते है,जिसका जीता जागता दृश्य पूरे देश में देखने को मिल रहा है।बहरहाल इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में महादेव के भक्तों ने अपनी उपस्थिति देकर इस माह के अंतिम सोमवार को और भव्य रूप दे दिया।निर्धारित त्रिशूल यात्रा अपने निर्धारित समय से लगभग 1 घण्टे विलंब से निकली और जो अपने निर्धारित मार्ग होते हुए संध्या 5 बजे पंचवटी पहाड़ पर पहुंची,जहाँ देश के कई राज्यो से आये पुजारियों ने भगवान शिव के मंत्रो का उच्चारण करते हुए पूजा अर्चना कर महादेव के त्रिशूल की स्थापना को अंतिम रूप दिया।