
प्रतापपुर :- तीसरे दिवस शिव पुराण कथा सुना रहे दुर्गा दत्त पांडे जी ने ज्योतिर्लिंग के प्रकार एवं उनकी महत्ता को बताते हुए आठवें ज्योतिर्लिंग त्रंबकेश्वर में पार्थ शिवलिंग के रूप मे स्थापित है जिनका की शास्त्रों में उल्लेख एवं महिमा का वर्णन किया गया है के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। आगे उन्होंने कहा धन-संपत्ति एक साधन है इसे साद्ध नहीं मानना चाहिए, धन् अल्पकाल के लिए आपको सुख दे सकता है परंतु आपके पास धन भी है सभी साधन भी है लेकिन पुत्र आज्ञाकारी ना हो पत्नी वफादार ना

हो ऐसे धन साधन किसी काम के नहीं। सबसे बड़ा धन घर में शांति आज्ञाकारी पुत्र एवं वफादार पत्नी पड़ोसियों से मित्रता पूर्वक व्यवहार होना। लौकिक रूप से इससे बड़ा सुख किसी चीज से प्राप्ति नहीं हो सकती। आगे उन्होंने अपने मन की बात बताई की पुराण प्रारंभ होने से पहले ही मेरे मन में एक विश्वास था कि वर्षा वृष्टि पुराण प्रारंभ होने के दिन से ही अवश्य होगी। और शिव बाबा की कृपा से यह सत्य साबित हुआ। और प्रतिदिन दिनभर बारिश हो रही है। जैसे-जैसे शिव पुराण कथा आगे बढ़ रही है काफी रोचक एवं आनंद दायक होती जा रही है। दिन प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है विशेषकर महिलाएं शिव पुराण कथा बड़े लगन एवं मस्ती से श्रवण कर रही हैं।
