
राजिम :- सावन मास लगते ही देवों के देव बाबा विश्वनाथ कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर का दृश्य अत्यंत मनोहारी दिखाई दे रहा है देखने वाले प्रत्येक श्रद्धालु एवं पर्यटकों को खूब लुभा रहा है। पिछले 2 दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है इधर सोंडुर, पैरी नदी के पानी बढ़ने के चलते प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम के मध्य में स्थित पंचमुखी कुलेश्वर नाथ महादेव का मंदिर चारों ओर से पानी से गिर गया है अब मंदिर पहुंचने के लिए नदी मार्ग से श्रद्धालु नहीं जा रहे हैं। लक्ष्मण झूला के माध्यम से सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन पूजन एवं जल अभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है पूजन आरती के समय तो घंटियों की झंकार से पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है। शनिवार को शाम मंदिर का दृश्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। लोग इस मनोहारी छवि को देखकर कह रहे थे वाह क्या सीन है।

साक्षात महादेव की कृपा है। इधर प्रयाग नगरी में भूतेश्वर नाथ महादेव, पंचेश्वर नाथ महादेव, दान दानेश्वरनाथ महादेव, राज राजेश्वर नाथ महादेव, बाबा गरीब नाथ महादेव, सोमेश्वर नाथ महादेव, पिपलेश्वर नाथ महादेव, पद्मनेश्वर नाथ महादेव के साथ ही महादेव के अनेक मंदिर यहां निर्मित है जहां गर्भ गृह में भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में विराजमान है मां पार्वती जल हरि के रूप में मौजूद है। सावन मास के मद्देनजर श्रद्धालुओं में उल्लास एवं उत्साह देखने को मिल रहा है मंदिरों में हर हर महादेव एवं ओम नमः शिवाय पंचाक्षरी मंत्र गूंज रहे हैं। शनिवार के चलते बाबा कुलेश्वरनाथ महादेव शिवलिंग तो शानदार सजाया गया। सुबह शाम दो बार पूजन आरती हुई। घंटियों की आवाज दूर तक सुनाई दे रही थी।
