
मगरलोड :- पंचायती राज व्यवस्था के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है । ग्राम विकास की कड़ी में रोजगार सहायक की भूमिका महत्वपूर्ण माना जाता है। किंतु एक ही गांव में लंबे समय से जमे रोजगार सहायक अपने अधिकार एवं कर्तव्य का दुरुपयोग करने की शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मौखिक एवं लिखित शिकायत लगातार मिल रही है। मामले को संज्ञान में लेकर अधिकारी द्वारा एक सप्ताह पूर्व 11 रोजगार सहायकों को अस्थाई रूप से इधर से उधर किया गया है। ब्लॉक के 66 ग्राम पंचायतों में कार्यरत रोजगार सहायकों में आधे से अधिक रोजगार सहायक की शिकायत से अधिकारी परेशान है। ब्लॉक के दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने जनपद कार्यालय में आकर नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि गांव में पदस्थ रोजगार सहायक रोजगार गारंटी कार्य में अपने चहेतों को मरेगा कार्य में भरपूर रोजगार दिलाया जाता है। रोजगार सहायक द्वारा मनमानी पूर्वक कार्य को कराया जाता है। ग्रामीण मजदूरों के साथ रोजगार सहायक का व्यवहार ठीक नहीं होने से ग्रामीण परेशान है। ग्राम पंचायत के अधिकांश रोजगार सहायक गांव के निर्माण कार्य में कमीशन एवं ठेकेदारी कार्य में संलिप्त है। जैसा कि पचरी निर्माण, निर्मला घाट, सौंदरीय करण, कार्य सूचना पटल आदि अनेक कार्य में रोजगार सहायक कमीशन के चक्कर में कार्य की गुणवत्ता तथा मापदंड का पालन नहीं किया जाता है। यहां बताना आवश्यक है कि आरक्षण की वजह से ग्राम पंचायत में कम पढ़े-लिखे अनुभवहीन, सरपंच निर्वाचित हुए है। जिनका फायदा गांव में लंबे समय से जमे कार्यरत रोजगार सहायक उठा रहे है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में निर्माण एवं विकास कार्य मेट के भरोसे चला रही है। एक ही गांव में लंबे समय से कार्यरत रोजगार सहायक को इधर से उधर करने ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग किया है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीएस ध्रुव से चर्चा पर बताया कि ग्रामीणों से रोजगार सहायक की मनमानी की शिकायत आ रही है। एक ही स्थान पर जमे होने से रोजगार सहायक से निर्माण कार्य प्रभावित हो रही है। स्थानांतरण करने से विकास एवं निर्माण कार्य में कसावट आएगा।
