रामायण के एक एक शब्द मंत्र है  -नीलकंठ। 

मुड़ागांव/कोरासी:-भारतीय समाज तीन प्रकार के संस्कारों से बंधा हुआ है -जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कार। उसमे भी दो उत्सव को समाज अच्छी रीति मनाते है -जन्मोत्सव और विवाहोत्सव।
आज नवजात शिशु अनंत  का जन्मोत्सव कार्यक्रम के वक्त जिनके घर गोविंद, शांति, गोपाल, सज्जन निर्मला, चूड़ामणि, हेमलाल(स्वर्ण) हो वहां अनंत गुणों वाला अनंत कुमार ही पैदा होगा हो सकता है । उक्त बातें सर्व आदिवासी समाज के प्रांतीय उपाध्यक्ष व जनपद सदस्य नीलकंठ सिंह ठाकुर ने पीपरछेडी़ के गोविंद यादव के घर जन्मोत्सव के अवसर पर संगीतमयी मानस गान  कार्यक्रम के वक्त कही।
आगे श्री ठाकुर ने  सभी मानस मंडली गायडबरी, कनेसर, और पीपरछेडी़ के कलाकार के उत्कृष्ट आध्यात्मिक बोध पूर्वक प्रदर्शन की बधाई देते कहा कि लोग रामायण के दोहा चौपाई के अर्थ को गलत तरह  से समझ कर उपहास उडा़ते है। रामचरित्र मानस के एक एक शब्द मंत्र है। उन्होने रामायण के ढोल, गवार, शुद्र,पशु,नारी पर ताड़न का अर्थ प्रताड़ना से  नहीं है  कहा। ना समझ लोग गलत अर्थ लिए हुए हैं।
इस कार्यक्रम में सरपंच बिसहत ध्रुव, तेजस्वी यादव, लवन साहू, सोमन यदु, प्रशांत ध्रुव, सोनम, उमा, उमेश यादव, रघुराज सिंह ठाकुर रामलाल सहित रायपुर, खम्हारी पारा, जटियातोरा, कनेसर, गायडबरी और पीपरछेडी़ के काफी संख्या में श्रोता भाई बहन उपस्थित थे।