रमईपाठ दो दिवसीय मानस संगोष्ठी में विद्वान वक्ताओं ने रामायण पर किया व्याख्यान, अचानक पहुंचे एडिशनल एसपी ने सुनाई राम कथा…

राजिम, बानरो ने सेतु निर्माण के समय पत्थरों पर राम राम लिखा और उसे पानी में छोड़ दिया वह तैर जाते। इसे देखकर रामचंद्र ने सोचा कि सब लोग सेतु को तैयार करने में अपनी योगदान दे रहे हैं मुझे भी कुछ करना चाहिए। उन्होंने एक पत्थर पकड़ा और पानी पर छोड़ दिया जिससे वह पत्थर डूब गया। तब हनुमान जी से उन्होंने पूछा तो बताया कि यह आपके नाम का प्रभाव है। जिसे आप छोड़ेंगे उन्हें कौन बचा पाएगा।

उक्त बातें प्रसिद्ध देवी स्थल रमई पाठ में मम् जिला राजीवलोचन मानस संघ के तत्वाधान में चल रहे दो दिवसीय मानस संगोष्ठी में अचानक पहुंचे जिले के एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने कही। संचालक कुंमान सिंह ध्रुव ने उन्हें कुछ कहने के लिए कहा तो वह अपने आप को रोक ना सके और रामायण की कथा सुना कर सब को भावविभोर कर दिया। उनका स्वागत 12वीं की छात्रा सुमन सिन्हा ने गुलदस्ता भेंट कर किया। व्याख्याकार सुरेंद्र सिन्हा ने हनुमान को रावण का गुरु बताया और कहा कि जहां भी रामायण होते हैं हनुमान जी की उपस्थिति सूक्ष्म रूप से होती है।सनातन धर्म के अनुयायी राम को अपना आदर्श मानते हैं हरि चर्चा के बिना आनंद नहीं आता। सत्संग जीवन जीने का ढंग बदल देता है। समय किसी का इंतजार नहीं करता। समय के साथ चलने वाला व्यक्ति ही मंजिल को प्राप्त करता है।

श्रीराम दरबार मानस मंडली के अध्यक्ष व्याख्याकार संतोष कुमार सोनकर ने कहा कि पके हुए फल की तीन पहचान होती है पहला वह नरम होता है तथा मीठा और तीसरा रंग बदल जाता है ठीक उसी प्रकार से परिपक्व व्यक्ति की तीन पहचान होती है। पहला विनम्रता, दूसरा वाणी में मिठास तथा तीसरा चेहरे पर आत्मविश्वास का रंग चढ़ जाता है। उन्होंने तुलसी के पौधे का महत्व बताते हुए कहा कि जहां तुलसी का पौधा होता है वह महातीर्थ कहलाता है इनके तने पर ब्रह्मा विष्णु महेश का वास माना जाता है तथा इससे पॉजिटिव एनर्जी मिलती है इसलिए प्रत्येक घरों में तुलसी का पौधा अनिवार्य रूप से होना चाहिए। चिखली के टीकाकार गिरवर गंधर्व ने गोपालन का महत्व बताते हुए कहा कि गाय से हमें ना सिर्फ दूध मिलता है बल्कि गोबर व मूत्र के अलावा कई असाध्य रोगों से छुटकारा दिलाने का काम करती है।

बावजूद इसके गौपालन में कमी आई है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए दलालों के हाथों कटनी के लिए ना बेचने का अनुरोध किया। दूधकैंया के टीकाकार रामअवतार यदु ने उत्तरकांड के प्रसंग पर कहा कि सभी प्रश्नों का उत्तर उत्तरकांड में मिलता है। रामायण पढ़ने से ना सिर्फ चेतना जागृत होती है बल्कि सद्विचार तथा शिष्टाचार की भावना जागृत होती है। भागवताचार्य एवं रामायण व्याख्याता परमानंद यादव ने कहा की संगठन मजबूती प्रदान करती है। प्रत्येक वर्ग का समिति गठित हो गया था लेकिन रामायण से जुड़े लोगों का अभी तक कोई संघ नहीं बना था। इस संगठन के द्वारा लोगों में सद्विचार पैदा करना है। उन्होंने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामायण लिख कर घर-घर राम के चरित्र को पहुंचा दिया। जिससे हमें एक अच्छा माहौल मिला।

मंच संचालक एवं व्याख्याकार टीकम चंद सेन ने सुंदरकांड के प्रसंग पर कहा कि सुरसा के द्वारा मुंह फैलाना इस बात को सिद्ध करती है कि ज्ञानियों में अग्रगण्य को भी परीक्षा की जरूरत होती है उन्होंने हनुमान की परीक्षा लेकर यह सिद्ध कर दिया कि प्रकृति के नियम से कोई अछूता नहीं है। दौलत साहू ने बालकांड पर कहा कि राम का जन्म अधर्म को समाप्त करने के लिए हुआ तथा उन्होंने आसुरी शक्तियों को समाप्त कर धर्म ध्वज फहराया।

ब्लॉक मानस शक्ति केंद्र के सचिव उमेश साहू,उत्तम साहू, जागेश्वरी सिन्हा आदि ने भजन प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिया। इस मौके पर मम् राजीव लोचन मानस शक्ति केंद्र के संयोजक मुन्नालाल देवदास, विकासखंड फिंगेश्वर मानस शक्ति केंद्र के अध्यक्ष नंद कुमार यादव, जनपद सदस्य पुष्पलता सिन्हा, सरपंच बिंदाबाई ध्रुव, साहित्यकार थानुराम निषाद डोमार साहू प्रमुख रूप से उपस्थित थे। खिलावन साहू, भोपाल सिन्हा, घसियाराम यादव, जनार्दन चंद्राकर, धनीराम साहू, गैंदू राम पटेल, कन्हैया विश्वकर्मा, गणेश ध्रुव, जीवन साहू, ओम प्रकाश सिन्हा, आनंद साहू, प्रेम लाल साहू, डोमार साहू, नवेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा।