नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग के लिए कर रहे जागरूक
धमतरी – सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने, यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने और नागरिकों में सुरक्षित यातायात के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने के उद्देश्य से धमतरी शहर में यातायात पुलिस के सहयोग के लिए एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) और एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) के कैडेट सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों पर कैडेट वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देकर उनका पालन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।इस जागरूकता अभियान में विशेष रूप से कम उम्र के बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों के प्रति सचेत किया जा रहा है। कैडेट उन्हें समझा रहे हैं कि नाबालिग अवस्था में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें तथा उन्हें यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों और यात्रियों को सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी जा रही है। कैडेट लोगों को यह भी बता रहे हैं कि सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए जल्दबाजी से बचना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
एनसीसी और एनएसएस कैडेटों की सहभागिता से यातायात जागरूकता अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप मिल रहा है। युवा स्वयं आगे आकर नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक कर रहे हैं और समाज में जिम्मेदार नागरिकता का संदेश दे रहे हैं।
यातायात नियमों का पालन केवल चालानी कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। सामूहिक प्रयास, जागरूकता और अनुशासित व्यवहार से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। सुरक्षित यातायात के लिए प्रत्येक नागरिक की सजगता और जिम्मेदारी ही सबसे प्रभावी उपाय है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “सड़क सुरक्षा समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन कर हम न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जिंदगी भी सुरक्षित रख सकते हैं। एनसीसी और एनएसएस के कैडेटों द्वारा यातायात पुलिस के सहयोग से चलाया जा रहा जागरूकता अभियान युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना को मजबूत करेगा। अभिभावकों से भी अपील है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने न दें और स्वयं यातायात नियमों का पालन कर उनके सामने आदर्श प्रस्तुत करें। हमारा उद्देश्य जनजागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।”
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने कहा कि
“सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना बेहद जरूरी है। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना उनके साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। एनसीसी और एनएसएस के कैडेटों की सहभागिता से यातायात जागरूकता का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से आम नागरिकों तक पहुंचेगा। सभी नागरिक यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित सड़क व्यवहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।”
