बीजापुर में ओबीसी समाज की हुंकार, आरक्षण से लेकर समाज भवन तक उठे अहम मुद्दे

यूसीसी के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं; 27 प्रतिशत आरक्षण का पालन, समाज के भवन और संगठन के विस्तार पर हुई चर्चा

बीजापुर – जिला मुख्यालय बीजापुर में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज की बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के साथ समाज के अधिकारों, संगठन के विस्तार और सामाजिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से मुलाकात करने के लिए समाज के प्रतिनिधिमंडल को भेजने पर सहमति बनी।छत्तीसगढ़ सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के जिला अध्यक्ष रामलाल यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने के नाम पर समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं सांस्कृतिक हितों का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यूसीसी के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने समान नागरिक संहिता को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए विरोध दर्ज कराया। समाज के संरक्षक ए. सुधाकर ने कहा कि समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और अधिकारों से जुड़े विषयों पर कोई भी निर्णय लेने से पहले संबंधित समुदायों की भावनाओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने इस विषय पर व्यापक चर्चा और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

*समाज के विस्तार और 27 प्रतिशत आरक्षण पर जोर*

बैठक में केवल यूसीसी ही नहीं, बल्कि बीजापुर जिले में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के संगठन को मजबूत बनाने और उसका विस्तार करने पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़कर सामाजिक एकजुटता बढ़ाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का शासकीय भर्ती के साथ राजनीति, सरकारी योजनाओ में रोस्टर का पालन सुनिश्चित करने का विषय प्रमुखता से उठाया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि पात्र वर्ग को आरक्षण का लाभ नियमानुसार मिले और रोस्टर में निर्धारित प्रावधानों का पालन हो।

*समाज के भवन के लिए भी उठी आवाज*

बैठक में बीजापुर जिला मुख्यालय में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के लिए भवन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के भवन से सामाजिक बैठकों, सामुदायिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी। इस विषय को भी समाज की प्रमुख मांगों में शामिल करने पर सहमति बनी। युवा प्रदेश अध्यक्ष कोमल निषाद ने कहा कि युवाओं को समाज की जिम्मेदारियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का संगठन तभी मजबूत होगा, जब प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और विशेषकर युवा पीढ़ी सामाजिक विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगी। समाज की एकजुटता को शिक्षा, जागरूकता और रचनात्मक कार्यों की ताकत बनाना होगा। वही मीडिया प्रभारी के. संतोष कुमार ने कहा कि समाज की समस्याओं, मांगों और उपलब्धियों को जिम्मेदारी के साथ शासन-प्रशासन तथा आम जनता तक पहुंचाना आवश्यक है। संगठन का उद्देश्य केवल समस्याएं उठाना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल करना भी होना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा, रोजगार, संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

*मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल*

बैठक में समाज के विस्तार, 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का नियमानुसार पालन तथा बीजापुर में सर्व अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के भवन से संबंधित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी दिनों में समाज का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात करेगा। बैठक में इस संबंध में सहमति बनी और मांगों को संबंधित स्तर पर उठाने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।बैठक में वैचारिक विरोध के साथ समाज के संगठनात्मक विस्तार और स्थानीय आवश्यकताओं को लेकर भी सार्थक चर्चा हुई। बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें समाज की एकजुटता, अधिकारों की पैरवी और मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर सहमति बनी। बैठक में संरक्षक नीलम गणपत, तेलंगा समाज में अध्यक्ष आदिनारायण पुजारी , उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी , मधु कटला , माधव कोड्रा समेत भोपालपटनम, उसूर, भैरमगढ़ और बीजापुर विकासखंड के पदाधिकारी और सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।