मनोज की भूमिका पर उठ रहे कई सवाल, जांच की मांग
महासमुंद/भुरकोनी :- महासमुंद जिला के ग्राम भुरकोनी में मनोज नामक व्यक्ति द्वारा मेडिकल दुकान संचालित करने के साथ-साथ गांव-गांव घूमकर मरीजों का इलाज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर अब उनकी चिकित्सकीय योग्यता, वैध पंजीयन और मेडिकल दुकान के लाइसेंस को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मनोज मेडिकल दुकान चलाने के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को दवाइयां देने और उपचार करने का काम भी करते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या उनके पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक चिकित्सकीय डिग्री और वैध मेडिकल पंजीयन है?
मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित मेडिकल दुकान के पास ड्रग लाइसेंस, दवाइयों की बिक्री से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और अन्य वैधानिक अनुमति मौजूद हैं या नहीं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिना उचित योग्यता या पंजीयन के इलाज किए जाने की स्थिति में मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग से मांग है कि ग्राम भुरकोनी में संचालित मेडिकल दुकान और गांव-गांव जाकर इलाज किए जाने की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की जाए।)
जांच के दौरान मनोज की शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल काउंसिल पंजीयन, मेडिकल दुकान का लाइसेंस तथा मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की भी जांच की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि क्या मनोज के पास इलाज करने की वैध योग्यता और पंजीयन है? यदि है तो उसका प्रमाण क्या है और यदि नहीं है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जाएगी? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
