छत्तीसगढ़ की आमामोरा पहाड़ी से ओडिशा में गिरता है चांउरधुआ जलप्रपात, बारिश में दिख रहा अद्भुत नजारा

तीन दिशाओं से 15 से 20 फीट ऊंचाई से गिरता दूधिया पानी, प्राकृतिक सौंदर्य देखने उमड़ रहे छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पर्यटक

मैनपुर/गरियाबंद – गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगे आमामोरा पहाड़ी इलाके में इन दिनों बारिश के साथ प्राकृतिक सौंदर्य अपने पूरे शबाब पर है। पहाड़ी क्षेत्र में दर्जनों छोटे-बड़े जलप्रपात सक्रिय हो गए हैं, जिन्हें देखने छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसी क्षेत्र में ओडिशा सीमा पर स्थित चांउरधुआ जलप्रपात इन दिनों आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

चांउरधुआ जलप्रपात की खासियत इसका प्राकृतिक स्वरूप है। यहां गोलाकार क्षेत्र में तीन दिशाओं से लगभग 15 से 20 फीट की ऊंचाई से दूध के समान सफेद और स्वच्छ पानी चट्टानों के बीच से नीचे गिरता है। बताया जाता है कि इस जलप्रपात में गिरने वाला पानी छत्तीसगढ़ के आमामोरा-ओड़ पहाड़ी क्षेत्र से आता है, जबकि जलप्रपात का क्षेत्र ओडिशा सीमा में आता है।

धुंध पर पड़ती सूर्य की किरणें बढ़ा देती हैं खूबसूरती

जलप्रपात से गिरते पानी के कारण आसपास लगातार धुंध का वातावरण बना रहता है। जब सूर्य की किरणें इस धुंध पर पड़ती हैं तो पूरा क्षेत्र बेहद मनमोहक दिखाई देता है। तेज गरज के साथ गिरता पानी और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। बारिश के मौसम में यहां का विहंगम दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

आमामोरा से करीब 8 से 10 किलोमीटर पैदल सफर

चांउरधुआ जलप्रपात सोनाबेड़ा इलाके में स्थित बताया जाता है और इसे इंद्रावन नदी के नाम से भी जाना जाता है। मैनपुर से आमामोरा पहाड़ी की दूरी लगभग 38 किलोमीटर है। आमामोरा तक जीप, कार या मोटरसाइकिल से पहुंचा जा सकता है। इसके बाद जलप्रपात तक पहुंचने के लिए पथरीली और दुर्गम पगडंडियों से करीब 8 से 10 किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है।दुर्गम रास्ते और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां पहुंचना रोमांचकारी होने के साथ चुनौतीपूर्ण भी है। बारिश के दौरान रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं, इसलिए पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

वन विभाग से जानकारी लेकर ही जाएं

प्राकृतिक और वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण पर्यटकों को यहां जाने से पहले संबंधित वन विभाग से आवश्यक जानकारी और अनुमति संबंधी नियमों की जानकारी लेनी चाहिए। साथ ही बारिश के मौसम में नदी-नालों और जलप्रपात के आसपास सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

चांउरधुआ जलप्रपात वर्तमान में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनता जा रहा है। बारिश के मौसम में इसका दूधिया पानी, पहाड़ों की हरियाली और धुंध से घिरा प्राकृतिक वातावरण इसे बेहद खूबसूरत बना देता है।