बीमार तोते को मिला समय पर इलाज, नवजात कुरुद में बीमार नन्हीं जान

ठंड-बुखार से पीड़ित करीब एक साल के तोते का डॉक्टर ने इलाज किया, औषधियों के साथ दी विशेष देखभाल की सलाह

धमतरी – इंसानों की तरह बेजुबान पक्षियों को भी समय पर उपचार और देखभाल की आवश्यकता होती है। इसी तरह के जानवरों की मिसाल आज कुरुद के जानवरों की सूची में देखने को मिली, जब जानवर और बुखार से पीड़ित करीब एक साल की उम्र का एक युवा तोता 🦜 इलाज के लिए लाया गया।
टोटे की भविष्यवाणी देखकर उसके मालिक ने उसे चालू पशु प्रतिबंधक बना दिया। यहां पशु-पक्षियों ने पक्षियों की मौजूदगी की जांच की और उनके स्वास्थ्य की स्थिति का परीक्षण किया। जांच में माइक्रोस्कोप और बुखार के लक्षण पाए गए। पशु चिकित्सक ने बिना देर किये आवश्यक उपचार शुरू कर दिया।
तोते को एंटीबायोटिक दवा और मल्टीविटामिन की खुराक दी गई। उपचार के साथ-साथ पक्षी के मालिक को उसकी देखभाल और स्वास्थ्य की निगरानी के संबंध में आवश्यक सुझाव भी दिए गए हैं। किसानों ने सलाह दी कि तोते को साफ-सुथरी और सुरक्षित जगह पर रखा जाए, संतुलित आराम दिया जाए और उसके खान-पान और स्वास्थ्य में होने वाले किसी भी बदलाव पर नजर रखी जाए।
पशु चिकित्सा में बेजुबान पक्षी को मिले इस उपचार में यह भी संदेश दिया गया कि पशु चिकित्सा सेवा केवल समुद्र तट तक सीमित नहीं है, बल्कि हर जीव के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। समय पर मिले चिकित्सा से तोते के स्वस्थ होने की आशा है।