लक्ष्य कोचिंग संस्थान में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया

कोंडागांव – लक्ष्य कोचिंग संस्थान, कोंडागांव में रविवार को जिला पुलिस के साइबर सेल द्वारा साइबर सुरक्षा एवं ऑफ़लाइन अपराध से बचाव विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला साइबर सेल के विशेषज्ञ विशेषज्ञ बोस ने छात्रों को वर्तमान समय में बढ़ते अपराधों की तैयारी करने के लिए अपने प्रभावशाली कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।प्रोग्रामों में स्टूडेंट्स को ऑनलाइन फ्रॉड, म्यूजिकल (म्यूल) ने फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, मोबाइल डेटा चोरी, मोबाइल हैकिंग, ऑनलाइन वर्ल्ड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बताया गया है।साइबर सेल टेक्नीशियन डेनियल बोस ने बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक की जानकारी, ओपीटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्हें छात्रों को होने वाली अचल संपत्ति लिंक, फर्जी कॉल, नकली निवेश की अनुमति एवं सोशल मीडिया पर रहने वाली कंपनियों से सावधान रहने की सलाह दी गई।उन्होंने मोबाइल सुरक्षा के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि मोबाइल की सेटिंग में ईमेल “ट्रैकर” कर यह जांच लें कि आपके मोबाइल में कहीं भी कोई अन्य सुविधा या प्रतिबंध है तो सक्रिय नहीं है। साथ ही सभी विद्यार्थियों को *#06# डायल कर अपने मोबाइल का IMEI नंबर नोट कर सुरक्षित रखने की सलाह दी, ताकि मोबाइल चोरी या गम होने की स्थिति में उसकी पहचान और पहचान में सहायता मिल सके।कार्यक्रम के दौरान नेशनल साइबर साइबर मोबाइल नंबर 1930 एवं साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई साइबर साइबर अपराधियों का शिकार हो जाए तो 1930 पर कॉल कर या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर समय-समय पर आर्थिक क्षति से बचा जा सकता है।प्रोग्राम के अंत में स्टूडेंट ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, स्पेशलिस्ट ने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। लक्ष्य कोचिंग संस्थान की ओर से डेविड सर ने जिला साइबर सेल साइबर एवं सेल के विशेषज्ञ बोस का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाए रखने के लिए अत्यंत उपयोगी, जागरूकतापूर्ण एवं प्रेरणादायक हैं।