“काव्य कुंज” में गूंजे गीत और कविता

जांजगीर चांपा – शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित “काव्य कुंज” कार्यक्रम साहित्यिक गरिमा, रचनात्मक ऊर्जा एवं सांस्कृतिक उल्लास का अनुपम संगम रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ हेमा चन्द्रवंशी द्वारा सरस्वती वंदना ,जगन्नाथ देवांगन द्वारा राज गीत की प्रस्तुति से हुआ। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं साहित्यकारों ने गीत, कविता तथा साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऋषिकांता राठौर बी.आर.सी.सी., नवागढ़ ने कहा कि “शिक्षक केवल ज्ञान का संवाहक नहीं, बल्कि समाज का सृजनकर्ता भी होता है। शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ जिस समर्पण के साथ शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। ऐसी संस्थाएँ समाज में सकारात्मक चिंतन, सृजनशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करती हैं। अकादमी में कौशलेन्द्र पटेल, डॉ. बोधीराम साहू एवं विजय प्रधान जैसे अनुभवी, कर्मठ और दूरदर्शी व्यक्तित्व जुड़े हैं, जिनके नेतृत्व में अकादमी निश्चित ही सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी।
इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष कौशलेन्द्र पटेल ने कहा कि अकादमी का उद्देश्य केवल साहित्यिक आयोजन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक और विद्यार्थी के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को पहचानकर उसे उचित मंच प्रदान करना है।
कार्यक्रम संयोजक व प्रदेश महासचिव डॉ.बोधीराम साहू ने कहा
साहित्य समाज को जोड़ने, संस्कारित करने और नई दिशा देने का सशक्त माध्यम है।
अकादमी एक परिवार की तरह कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के शिक्षक और विद्यार्थी की रचनात्मक क्षमता को पहचानकर उसे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य हो।
प्रदेश कोषाध्यक्ष जगन्नाथ देवांगन व कार्यक्रम प्रभारी विजय प्रधान ने कहा कि साहित्य मनुष्य की संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखता है। अकादमी का प्रत्येक आयोजन नई प्रतिभाओं को अवसर देने और साहित्यिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है।कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन प्रदेश संगठन मंत्री राधेश्याम कंवर ने किया।सुश्री कांति यादव सेवानिवृत्त प्राचार्य,दिनेश दुबे,ओ.पी.कौशिक रतनपुरिहा प्राचार्य,रामकुमार पटेल,शिव कुमार अंगारे,मोहित शर्मा,मनोहर लाल यादव, चंद्र कुमार चंद्रा,श्वेता सिंह,रेखा पात्रे, दुर्गा पाठक ने अपनी प्रस्तुति दी कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अकादमी ने भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया।