शिक्षादूतों ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा से लगाई गुहार, मानदेय बढ़ाने और भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग

बीजापुर – स्थानीय शिक्षादूत (शिक्षक) कल्याण संघ, बीजापुर–सुकमा ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा को ज्ञापन सौंपकर शिक्षादूतों का मानदेय ₹25,000 प्रतिमाह करने और आगामी सहायक शिक्षक भर्ती में स्थानीय शिक्षादूतों को प्राथमिकता देने की मांग की है।

संघ के सदस्यों का कहना है कि माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से शिक्षादूत विपरीत परिस्थितियों में हजारों बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं।इसके बावजूद उनका मानदेय बेहद कम है। ज्ञापन में बताया गया कि बीजापुर और सुकमा के बंद स्कूलों में सैकड़ों शिक्षादूत वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और शासन की योजनाओं को भी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

*मुख्य मांगें:*

बंद स्कूलों में कार्यरत शिक्षादूतों का मानदेय ₹25,000 प्रतिमाह किया जाए

आगामी सहायक शिक्षक भर्ती में स्थानीय शिक्षादूतों को प्राथमिकता दी जाए

संघ ने ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं बस्तर संभाग आयुक्त को भी भेजी है।