सड़क, पुल-पुलिया बिजली, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यटन विकास पर प्रशासन, सिद्धांत एवं संरक्षण समिति के बीच हुई सार्थक चर्चा
धमतरी – उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 34 प्रभावित कश्मीर के वर्षों में पुरानी रासायनिक प्रक्रियाओं के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। रजिस्ट्रार श्री अविनाश मिश्रा की राजधानी रायपुर में शुक्रवार को नगरी जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला प्रशासन, बस्ती और जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वनों के राजस्व, ग्रामों में परिवर्तन और पर्यटन विकास जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई और समाधान के लिए ठोस रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी।संघर्ष समिति की बैठक में बताया गया कि क्षेत्रवासी पिछले दो से तीन दशक से रियल एस्टेट की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक यहां विकास नहीं हो पाया है। इस पर नॉर्वेजियन मिश्रा ने कहा कि प्रशासन भी चाहता है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें। हालाँकि वन एवं न्यायालय से जुड़े कुछ कानूनी मित्रता के कारण रोजगार में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि जिन उद्योगों को चालू किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।रजिस्ट्रार ने बताया कि अरसीकन्हार-रिसगांव सड़क निर्माण के प्रयास जारी हैं और बेलरगांव-बोराई सड़क का निर्माण हो चुका है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जिन इलाकों के संपर्क टूट गए हैं, वहां पहले पुल और स्केल का निर्माण होगा, ताकि लोगों को सालभर की सलाह की सुविधा मिल सके। स्टील ब्रिज सहित छोटे पुलों के निर्माण को भी प्राथमिकता में रखा गया है।बैठक में विधायक सिहावा श्रीमती अंबिका मरकाम ने कहा कि उदंती-सीतानदी क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसे मध्यवर्ती उद्यमों से हैं। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रहने वाले लोगों का विकास और उनके संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने विकास कार्यों में तेजी से काम करने वालों के लिए, पर्यावरण और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बांड मंजूरी को मंजूरी देने की आवश्यकता पर जोर दिया।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि सर्वाचे कोर्ट के अनुसार कोर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थायी पक्के निर्माण की अनुमति नहीं है। ऐसे में आतिथ्य की सहमति और कार्यशाला का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सामानों का प्राकृतिक आवास है, इसलिए विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सौर ऊर्जा से मजबूत होगी बिजली व्यवस्था
बैठक में क्रेडा अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 19 गांव सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत हैं। पहले 30 वाट क्षमता की व्यवस्था थी, जिसके लिए 700 वाट क्षमता का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था और उसका प्रयोग भी मिल गया है। जिन में अयोनि प्लांट की बैटरियां खराब हैं, उन्हें बदला जा रहा है। सभी जिलों में सूचीबद्ध अधिकारियों के लिए पुनः सर्वेक्षण के लिए आवश्यक बैटरियों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं।
आवास निर्माण में प्रशासन पूरा सहयोग
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में बेहतर कार्य हुआ है तथा वन क्षेत्र में भी कई आवास बनाये गये हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री के परिवहन में प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग दिया गया है और शासन से निर्देश मिलते ही शेष पात्र हितग्राहियों को भी आवास मिलेगा।
एक साल में शुरू होगा रिसगांव क्वार्टर
रजिस्ट्रार ने बताया कि रिसगांव में क्वार्टर और लांज में वफ़ा भवन का निर्माण जारी है। रिसगांव के लैपटॉप को एक साल की शुरुआत में करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी 34 रियासतों के प्राथमिक आवश्यकताओं के प्रस्ताव तैयार कर शासन को निर्देशित करने के निर्देश दिए, ताकि भूमि उपलब्ध कराने वाले कार्मिकों के विकास के लिए प्रयोगशालाएं तैयार की जा सकें। मतदाता ने बताया कि शासन की नई वेबसाइट रामजी योजना के माध्यम से राजस्थान की परियोजना के विकास कार्य के लिए जाएं और इसके लिए ग्राम स्तर से प्रस्ताव तैयार करें।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि सुपरमार्केट को दुकानें और संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सड़क और पुल निर्माण में तेजी लायी। कलेक्टर ने जानकारी दी कि जनमन योजना के तहत जिले में लगभग 100 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है और बेलरगांव और बोरई में दो नए पुलों का निर्माण किया गया है।वनग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग पर कलेक्टरों ने कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक वनग्रामों को ग्रामों का राजस्व धमतरी जिले में मिला है और स्केल वन अधिकार (सीएएफआर) सहित अन्य अधिकारों को लेकर मुख्यमंत्री और वन मंत्री से आवेदन किया जाएगा।
पर्यटन विकास का नया आधार
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन की व्यापक सूची बनाई गई है। मंदागिरी, एकावारी और मेचका जैसी जगहें विकसित की जा रही हैं। होमस्टे, स्थानीय गाइड और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। पूरे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसरों का जन्म हुआ। बैठक में इंटर-स्टेट बस टर्मिनल का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने और रिसगांव में जनेबियाई बाजार के लिए राइस एक्सचेंज की भी जानकारी दी गई।बैठक में प्रदेश अध्यक्ष महेश गोटा, पूर्व विधायक डाॅ. लक्ष्मी ध्रुव, श्रवण मरकाम, एवं जिला पंचायत सदस्य, अतिरिक्त पुलिस कप्तान शैलेन्द्र पांडे, मुखिया श्रीमती प्रीति दुर्गम, जिला पंचायत नगरी के सीईओ रोहित बोरझा, विभिन्न टुकड़ों के अधिकारी और जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण विकास।
